आगरा शहर को बुलंदशहर के पालड़ा से गंगाजल मिल रहा है, पर आगरा के ग्रामीण क्षेत्रों को एटा से गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा। मोदी सरकार की हर घर नल से जल योजना में आगरा के गांवों को नरौरा की जगह एटा की लोअर गंगा कैनाल से गंगाजल दिया जाएगा। नए साल में जनवरी के अंत तक 4093 करोड़ रुपये की इस योजना का टेंडर निकाला जाएगा। आगरा के ग्रामीण क्षेत्रों में 3.17 लाख घरों को 8905 किमी लंबी पाइपलाइन के जरिए गंगाजल दिया जाएगा। साल 2024 के अंत तक यह काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत सूबे के आठ जिलों में आगरा भी शामिल है। इस योजना के तहत पहले चंबल नदी या नरौरा बैराज से गंगाजल दिलाने की संभावना पर विचार हुआ, पर अब एटा की लोअर गंगा कैनाल से गंगाजल उपलब्ध होगा। यह योजना दो चरणों में पूरी होगी। पहले पैकेज में 2594.47 करोड़ तथा द्वितीय पैकेज में 1503.76 करोड़ रुपये खर्च कर जिले की 6 तहसीलों के सभी 15 विकास खंडों में 17 भूमिगत सीडब्ल्यूआर (क्लीयर वाटर रिजर्वायर) तथा 409 पानी की नई टंकियां बनाई जाएंगी।
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पुरानी 66 टंकियों का जीर्णोद्धार कर उनका इस्तेमाल किया जाएगा। गंग नहर से लेकर घरों तक 8905 कि.मी. लम्बी पाइप लाइन बिछाई जायेगी। इस योजना में 3,17,640 घरों को शुद्ध गंगाजल मुहैया कराया जायेगा। जो ठेकेदार या एजेंसी इन कामों को करेगी, उसे ही दस साल तक रखरखाव करना होगा।