आग लगते ही राकेश वर्मा बचाव के लिए चीख-पुकार मचाते हुए दुकान से बाहर भागा। चीख-पुकार सुनकर आसपास के दुकानदार दुकानों से बाहर आ गए। उन्होंने किसी तरह पानी डालकर आग को बुझाया। गंभीर हालत में राकेश वर्मा को दुकानदार सरकारी ट्रामा सेंटर लाए। यहां से उसे एसएन मेडिकल कालेज आगरा रेफर कर दिया गया।
ट्रामा सेंटर में पीड़ित राकेश वर्मा ने बताया कि उसको संतोषनगर निवासी रोबिन ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर जलाया है। राबिन की पत्नी पूजा वर्मा ने 12 अगस्त को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रोबिन आत्महत्या का कारण उसे (राकेश वर्मा) को मान रहा था। इसी रंजिश में उसने वारदात को अंजाम दिया।
घटना की जानकारी होते ही एसएसपी सचिंद्र पटेल, एसपी देहात राजेश कुमार एवं एसओ उत्तर हरवेंद्र मिश्रा, सोशल मीडिया प्रभारी नीरज मिश्रा पुलिस बल के साथ पहुंच गए। उन्होंने घटना स्थल पर जांच पड़ताल की है। एसपी देहात ने आगरा पुलिस से कहा है कि वो पीड़ित राकेश वर्मा के बयान को रिकार्ड कर लें। ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
घटना के बाद दुकान से जली हुई अवस्था में व्यापारी के बाहर की ओर भागने की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी कैमरे में दुकानदार आग का गोला बना बाहर की ओर दौड़ता दिखाई दे रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों को खंगाला है। आरोपी की तलाश में जुटी है।
एसएसपी सचिंद्र पटेल ने बताया कि सराफा व्यापारी राकेश वर्मा को जलाने का आरोपी रोबिन मौसेरा भाई है। राबिन की पत्नी पूजा वर्मा ने 12 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी। इसका कारण कोई पारिवारिक वजह रही होगी। आरोपी की गिरफ्तारी को चार टीमें लगा दी हैं। शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।