एसपी अजय कुमार पांडेय के अनुसार पूछताछ में आरोपी सूरज ने बताया कि पांच-छह वर्ष पूर्व शिवम और उसके परिजन अहमदाबाद में रहते थे। वहां एक हादसे में शिवम के सिर में गहरी चोट लगी थी। कई दिन कोमा में रहने के बाद वो सही तो हो गया, लेकिन काफी आक्रामक हो गया था।
शिवम किसी भी समय आपा खो देता था और किसी पर भी हमला कर देता था। सभी लोग भयभीत थे कि शिवम कहीं कुछ अनहोनी न कर दे। इसलिए बड़े सूरज ने उसकी हत्या करने का इरादा बना लिया था।
एसपी ने बताया कि सूरज दिल्ली में रहकर एक मिठाई की दुकान पर होम डिलीवरी का काम करता है। ऐसे में वारदात को अंजाम देने के लिए सूरज 10 अगस्त को बाइक से मैनपुरी पहुंचा। यहां एक होटल में रुका था, अगले दिन गांव पहुंचा और रात के समय जब लोग जन्माष्टमी मना रहे थे, तभी भाई को फोन कर विद्यालय में बुलाया।
एसपी ने बताया कि गांव जाने से पहले ही आरोपी शहर के वंशीगोहरा निवासी अभिषेक उर्फ राना और रामेंद्र कृष्ण उर्फ जॉनी पुत्र श्रीकृष्ण मौर्य के साथ हत्या की योजना बना चुका था। साथियों ने उसे एक पिस्टल व कारतूस और नशे की गोलियां उपलब्ध कराईं थीं।
सूरज के बुलाने पर जब शिवम विद्यालय आया तो उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई। कुछ देर बाद शिवम बेहोश हो गया तो सूरज ने कनपटी पर पिस्टल रख कर चलाई, लेकिन फायर नहीं हुआ। कई बार कोशिश की, लेकिन पिस्टल नहीं चली। इसके बाद पास ही रखी एक ईंट से शिवम के सिर और चेहरे पर चार वार किए गए। इससे मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या करने के बाद चुपचाप आरोपी दिल्ली के लिए रवाना हो गया था। पुलिस ने सूरज और अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया। एसपी का कहना है कि तीसरे आरोपी रामेंद्र कृष्ण की पुलिस तेजी के साथ तलाश कर रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।