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फर्जीवाड़ा: खत्म हो सकती है बीएड के 84 कॉलेजों की मान्यता, विश्वविद्यालय ने थमाए नोटिस

Tue, 31 Dec 2019 12:31 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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बीएड-2005 फर्जीवाड़े में 84 कॉलेजों की मान्यता खत्म की जा सकती है। इन सभी कॉलेजों को डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने नोटिस जारी किए हैं। इनसे अपने यहां सीटों की संख्या, उनके प्रवेश से लेकर परीक्षा तक के साक्ष्य मांगे गए हैं।
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स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) ने 2004-05 सत्र की 4704 छात्र-छात्राओं की बीएड की मार्कशीट फर्जी बताई है। इसकी सूची प्राप्त होने के बाद विश्वविद्यालय ने सार्वजनिक कर दिया है। सूची में शामिल छात्र-छात्राएं आगरा और अलीगढ़ मंडल के 84 कॉलेजों के हैं।

फर्जीवाड़ा में कॉलेजों की भूमिका तलाशने के लिए इनसे अपने यहां 2004-05 कितनी सीट आवंटित थीं, कितने छात्रों का प्रवेश लिया, उनके प्रवेश पत्र, कक्षाओं में उपस्थिति रजिस्टर, फीस स्लिप, प्रयोगात्मक परीक्षा की उत्तर पुस्तिका, परिचय पत्र समेत अन्य जानकारी मांगी गई है। 
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इन सभी रिकार्ड को विश्वविद्यालय अपने स्तर से सत्यापित करेगा। अगर फर्जी छात्र-छात्राओं के प्रवेश और उनकी मार्कशीट प्रकरण में कुछ गलत पाया जाता है तो इन कॉलेजों में से बीएड कोर्स की मान्यता समाप्त कर दी जाएगी।
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दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई

कुलपति डॉ अरविंद दीक्षित ने बताया कि फर्जी छात्र-छात्राओं की सूची का आकलन किया है, इसमें संबंधित कॉलेजों को भी नोटिस भेजे गए हैं, इनसे 2004-05 सत्र में बीएड कोर्स, छात्र संख्या, प्रवेश से परीक्षा तक के साक्ष्य मांगे हैं। इनके जवाब आने के बाद जांच होगी, दोषी होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। 

एक भी छात्र-छात्राओं ने उपलब्ध नहीं कराए साक्ष्य

विश्वविद्यालय ने फर्जी छात्र-छात्राओं की सूची में शामिल 4704 को नोटिस देकर 17 बिंदुओं पर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी थी। इनमें से अभी तक एक ने भी इन बिंदुओं पर जानकारी विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराई है। 15 दिन बाद इनकी मार्कशीट को अवैध घोषित करते हुए निरस्त कर दिया जाएगा।
 
रिश्तेदार, परिजनों की भी बनाई मार्कशीट

फर्जी मार्कशीट बनवाने में कॉलेज संचालकों ने भी खूब चांदी काटी। जमकर पैसा तो कमाया ही अपने सगे-संबंधियों की भी फर्जी मार्कशीट बनवाई। सूची में ऐसे कई नाम सामने आए हैं, जिसमें छात्र-छात्राओं के पिता का नाम, पता और कॉलेज एक ही हैं। 
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मनमाफिक अंक, सब फर्स्ट डिवीजन पास

फर्जी मार्कशीट में मनमाफिक अंक चढ़ाए गए हैं। हालत यह है कि सभी फर्स्ट डिवीजन से पास हैं। अधिकांश के 70 फीसदी अंक के आसपास हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा के 200 कुल अंक में से 191 तक मिले हैं। प्रायोगिक परीक्षा में एक्सटरनल और इंटरनल परीक्षा होती हैं, जिसमें 150 और 50 अंक होते हैं। इनमें से 145 और 46 तक अंक दिए गए हैं।

मान्यता नहीं फिर भी बनी मार्कशीट

बीएड की 4704 फर्जी मार्कशीट प्रकरण में तीन ऐसे कॉलेज भी हैं, जिन पर 2004-05 में बीएड कोर्स की मान्यता भी नहीं है। इन कॉलेजों के नाम से भी मार्कशीट बनी हैं। 
 
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