दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के 10 हजार लोगों से 500 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाली गाजियाबाद की पेवे आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक अमन शर्मा को आगरा पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार कर लिया।
अमन शर्मा कंपनी बंद करके फरार हो गया था। वो ठिकाना बदल-बदलकर रह रहा था। दो महीने पहले कंपनी के दूसरे डायरेक्टर और सहयोगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पेवे आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का ऑफिस गाजियाबाद के पैसिफिक बिजनेस पार्क, कौशांबी में था। अक्तूबर 2016 में कंपनी खोली गई थी। जनवरी 2017 में बंद कर दी गई। इसके डायरेक्टर गाजियाबाद के चिरंजीव विहार निवासी अमन शर्मा और गाजियाबाद के अजनारा क्रासिंग निवासी वरुण गुप्ता थे।
10 हजार लोगों को बनाया शिकार
पुलिस के मुताबिक, कंपनी सोशल साइट पर लाइक और क्लिक के नाम पर लोगों को रकम का वादा करती थी। लॉगिन आईडी के लिए दो प्लान थे। इसके तहत एक में 57 हजार तो दूसरे में 1.15 लाख रुपये जमा कराए जाते थे। कंपनी के डायरेक्टर 10 हजार लोगों से 500 करोड़ की ठगी करके फरार हो गए थे।
सिकंदरा निवासी यशपाल भी धोखाधड़ी का शिकार हुए थे। उन्होंने 14 यूजर आईडी खरीदी थीं। 13.80 लाख रुपये कंपनी के खातों में जमा कराए थे। यशपाल ने थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कराया था। तब से पुलिस कंपनी के डायरेक्टरों की तलाश कर रहती थी।
पुलिस के मुताबिक, चार अक्तूबर को वरुण गुप्ता और उनके सहयोगी अमित सक्सेना को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सोमवार को दूसरे डायरेक्टर अमन शर्मा को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वो मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला है। स्नातक पास है। धोखाधड़ी कर हासिल की रकम से संपत्ति खरीद ली है। पुलिस अब उसकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई करेगी।
नहीं करता था मोबाइल का इस्तेमाल
अमन अपना ठिकाना बदल-बदलकर रह रहा था। मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। इसके साथ ही अपने परिचित और रिश्तेदारों से भी संपर्क नहीं करता था। आधार और पैन कार्ड का भी इस्तेमाल नहीं करता था।
उसके घर पर कई जिलों की पुलिस ने नोटिस भी चस्पा कर रखे हैं। इससे पहले वह कभी पकड़ा नहीं गया है। आरोपी के खिलाफ गाजियाबाद में तीन, थाना सिकंदरा में एक, हरियाणा के गुरुग्राम में एक मुकदमा दर्ज है। कई और शहरों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है।
अब तक इनकी हुई गिरफ्तारी
थाना सिकंदरा पुलिस ने वर्ष 2018 में कार्पोरेशन बैंक, नाभा, पंजाब के मैनेजर रोहित, दिल्ली निवासी सीए राहुल और बैंक मित्र गुरजांट सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं अक्तूबर में वरुण गुप्ता और उसके सहयोगी अमित सक्सेना को गिरफ्तार किया। अब अमन शर्मा भी पकड़ा गया। पंजाब की बैंक के खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी।