कॉलेज प्राचार्य से जानकारी लेते पुलिस अधिकारी
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के दौरान बीएससी तृतीय वर्ष के गणित और जंतु विज्ञान विषय के द्वितीय प्रश्नपत्र आउट होने के मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस व्हाट्सएप पर पेपर शेयर करने वाले की पहचान नहीं कर सकी है। हालांकि सौ छात्र-छात्राओं को चिह्नित किया गया है, जिनसे पूछताछ की जानी है। इनमें से 30 से पूछताछ हो चुकी है। उनसे मिली जानकारी पर पुलिस पड़ताल में लगी है।
ये मामला बुधवार को पकड़ा गया था। आगरा कॉलेज के बाहर छात्र-छात्राएं मोबाइल पर आउट पेपर देख रहे थे, जिसमें आठ को पकड़ लिया गया था। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने छात्र-छात्राओं से पूछताछ की थी। जिसके बाद पुलिस ने कालेज प्रशासन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया था।
जोड़ी जा रही कड़ी से कड़ी
पुलिस के मुताबिक, आउट पेपर सौ से अधिक विद्यार्थियों को भेजा जा चुका था। इनमें से 30 से पूछताछ की जा चुकी है। मगर, यह नहीं पता चला कि सबसे पहले पेपर किसने भेजा है। कड़ी से कड़ी जोड़कर पड़ताल की जा रही है। पेपर नोडल सेंटर पर रखे जाते हैं। पुलिस सेंटर के कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी।
शेयर करने वालों के मिले कुछ नंबर
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि व्हाट्सएप पर सबसे पहले पेपर शेयर करने वालों के कुछ नंबर मिले हैं। इन पर टीमों की ओर से कार्य चल रहा है। सौ से अधिक को पेपर शेयर कर दिया गया था। विवेचना की जा रही है। पेपर लीक करने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।