डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी की दुर्लभ किताबें आनलाइन उपलब्ध होंगी। विद्यार्थी कहीं भी बैठकर इन्हें पढ़ सकेंगे। एक लाख से अधिक थीसिस, किताबें आदि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी। इनकी स्कैनिंग शुरू हो गई है।
विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी वर्ष 1951 की है। इसमें उपलब्ध बड़ी संख्या में किताबों का वर्षों से सत्यापन नहीं हुआ है। एक लाख से अधिक किताबें, थीसिस, रिफरेंस बुक, अनसॉल्व्ड पेपर आदि ऐसे हैं, जिनकी अवधि 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है।
इनको संरक्षित करने और पाठकों के लिए उपलब्धता के उद्देश्य से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आर्काइब तैयार किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने ‘डीबीआरएयू इंस्टीट्यूशनल रिपोजिटिरी’ प्लेटफार्म और सर्वर तैयार किया गया है। सारी किताबों को स्कैन करके इस पर डाला जाएगा।