डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 24 जनवरी से शुरू होनी हैं। अभी तक परीक्षार्थियों को प्रवेशपत्र नहीं मिले हैं। जबकि 20 को ही प्रवेशपत्र जारी किए जाने थे। रविवार और सोमवार को अवकाश है। सोमवार को शासन स्तर से अवकाश घोषित किया गया है।
गत परीक्षाओं जैसा हाल इस बार भी हो गया है। इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया काफी पहले शुरू करा दी थी। फार्म भरने की प्रक्रिया समय से पूरी नहीं कराई जा सकी। इसके लिए भी विश्वविद्यालय प्रशासन ही अधिक जिम्मेदार रहा। परीक्षा परिणाम उपलब्ध न होने की वजह से आवेदन में देरी हुई। परीक्षा की फीस फिर भी समय से जमा कर दी गई थी। विद्यार्थियों के परिणाम में नॉट क्वालिफाइड, रिजल्ट अंडर प्रोसेस आदि लिखा हुआ था। विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक इनको ठीक कराने में लगा हुआ है। इस वजह से परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया अभी तक खुली हुई है। परीक्षा फार्म भरे जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में परीक्षार्थियों को परीक्षा से एक दिन पहले या परीक्षा के दिन ही प्रवेशपत्र मिल पाएंगे। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है अधिकतर परीक्षार्थियों के फार्म भरे जा चुके हैं। पुनर्परीक्षा वाले ही कुछ रह गए हैं। प्रवेशपत्र जारी किया जा रहा है।
केंद्रों की सूची भी जारी नहीं की
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शनिवार को शाम 7:00 बजे तक परीक्षा केंद्रों तक की सूची जारी नहीं की। यहां तक की नोडल केंद्रों की सूची भी जारी नहीं की गई। न ही परीक्षा के संबंध में इनकी बैठक बुलाई गई। गत परीक्षा के नकल में पकड़े गए डिबार केंद्रों की सूची भी जारी नहीं की गई है। जिन केंद्रों पर सेंटर पड़ेंगे, उन्हें भी परीक्षा के अनुरूप तैयारी करनी होगी। परीक्षा में अब तीन दिन का ही समय बचा है। ऐसे में परीक्षा की तैयारियों पर भी असर पड़ेगा।
अपने स्तर पर कर रहे तैयारी
सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य व प्राचार्य परिषद के महामंत्री प्रो. एसपी सिंह का कहना है कि प्रवेशपत्र अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। उनके यहां इस परीक्षा में सेल्फ सेंटर है। परीक्षार्थियों की संख्या पता है, उसको देखते हुए तैयारी की जा रही है। कुछ परीक्षार्थियों के परीक्षा फार्म परिणाम अधूरे होने की वजह से भरे नहीं जा सके हैं, उन पर विश्वविद्यालय स्तर से निर्णय लिया जाना है।