सूत्रों के मुताबिक शिक्षक चाहते तो कुछ और छात्र-छात्राओं का भला हो सकता था। जिन कापियों में गड़बड़ियां की गई हैं, नंबर काटे गए हैं, उनकी फॉइल नहीं बनाई गई है। वहीं, तमाम ऐसी कापियों को भी नहीं छुआ गया, जिसमें छोटी-मोटी त्रुटियां हैं। बीएड वर्ष 2013 की जांच चल रही है। शिक्षक खुद न फंसे, इसलिए तमाम कापियां को शामिल नहीं किया गया।
जिन छात्र-छात्राओं के परिणाम तैयार हैं, उसको दो-तीन दिन के अंदर ही जारी करा दिया जाएगा। जिन छात्रों की फॉइल नहीं बनाई गई है उनको दीक्षांत समारोह के बाद शिक्षकों की टीम बनाकर तैयार कराया जाएगा। -डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित, कुलपति
दोषी पर नहीं हुई कार्रवाई
परिणाम जिसके चलते अभी तक लटका है, गड़बड़ी के दोषियों के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। न केवल गड़बड़ी की गई, चार्ट तक गायब कर दिया गया था। उस समय के अधिकतर अधिकारी बदल चुके हैं, वर्तमान अधिकारी मामले से बच रहे हैं।