आगरा में नाबालिगों के वाहन चलाने पर यातायात पुलिस सख्ती कर रही है। दोपहिया वाहन चलाते मिलने पर 1 सप्ताह तक 5000 रुपये शमन शुल्क के साथ चालान काटे जाएंगे। इसके बाद अभिभावकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होंगे। बृहस्पतिवार से चेकिंग अभियान शुरू किया गया। ऐसे 150 वाहन पकड़े गए, नाबालिगों को जागरूक करते हुए चालान काटे गए।
शहर के कान्वेंट और पब्लिक स्कूलों में बच्चे वाहन लेकर आते हैं। कई स्कूलों में वाहनों को एंट्री नहीं है तो बच्चे वाहनों को निजी पार्किंग में खड़ा करते हैं। बैटरी संचालित वाहन चलाने वाले नाबालिगों की संख्या भी अधिक है। 18 साल से कम पर चालक लाइसेंस नहीं बनता है। सहायक पुलिस आयुक्त यातायात सैय्यद अरीब अहमद ने बताया कि 16 साल से 18 साल के बीच नाबालिग 50 सीसी का वाहन चला सकते हैं। मगर, पेट्रोल और बैटरी के वाहन भी 50 सीसी के नहीं आ रहे हैं। नाबालिगों के वाहन चलाने पर पुलिस अब कार्रवाई करेगी। बच्चों के वाहन चलाने पर अभिभावक और वाहन स्वामी जिम्मेदार होंगे।
25 हजार का जुर्माना, 3 साल की सजा
एसीपी ने बताया कि मुकदमा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 4 के तहत लिखा जाएगा। इसमें दोषी को 25 हजार रुपये का जुर्माना और 3 साल तक की सजा का प्रावधान है। इस धारा में मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस ही तहरीर देगी। पुलिसकर्मी को वादी बनाया जाएगा। विवेचना कर चार्जशीट लगाई जाएगी। आरोपी अभिभावकों को बनाया जाएगा।
72 वाहनों की जांच, 8 का किया चालान
संभागीय परिवहन विभाग का स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान बृहस्पतिवार को भी चला। प्रवर्तन दल की चार टीमों ने 72 स्कूली वाहनों की जांच की, जिसमें से 8 के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। एआरटीओ (प्रवर्तन) आलोक कुमार, पीटीओ शिव कुमार मिश्र, अमित वर्मा और नीलम सिंह की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर स्कूली वाहनों की जांच की। अभियान शहर तक संचालित नजर आ रहा है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना फिटनेस वाले स्कूली वाहन दौड़ रहे हैं। आरटीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 22 जुलाई तक अभियान जारी रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली वाहनों पर कार्रवाई होगी।