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आगरा छात्र हत्याकांड: इन 9 सवालों में छिपा है ऋषभ की मौत का राज, जवाब किसी के पास नहीं

Fri, 25 Mar 2022 09:16 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल के कक्षा 12 के छात्र ऋषभ के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल। उनके कुछ सवाल ऐसे हैं, जो इस पूरे मामले की  कहानी के पलटते हुए दिख रहे हैं। हालांकि छात्र की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या और षड्यंत्र की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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छात्र ऋषभ मिठास का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के खंदारी स्थित समाज कल्याण विभाग के हॉस्टल परिसर में यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल के कक्षा 12 के छात्र ऋषभ मिठास की मौत के मामले में माता-पिता ने कुछ ऐसे सवाल उठाए हैं, जिनके जवाब नहीं मिल पा रहे हैं। इन सवालों में पुलिस भी उलझी हुई है। आखिर उस दिन छात्र के साथ हुआ क्या, ये बात बड़ी पहेली बन गई है।

 मां-पिता के अहम सवाल

1- ऋषभ अच्छे नंबरों से स्कूल की परीक्षा में पास हुआ था, प्रयोगात्मक परीक्षा देने पूरी तैयारी के साथ गया था। उसको कोई तनाव नहीं था। खुदकुशी क्यों करेगा?
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2- फेयरवेल पार्टी की तैयारी कर रहा था? दो से तीन दिन बाद ही पार्टी की बात कही थी। वह अपने लिए ड्रेस सोच रहा था। उसने एक दिन पहले ब्लेजर पहनकर व्हाट्स एप पर फोटो भी डाला था। उसे किसी तरह की दिक्कत होती तो बताता।
3- उसे स्कूल के गेट पर पिता छोड़कर आए। अगर, वो प्रयोगात्मक परीक्षा में नहीं गया था तो उसके बारे में कॉल करके स्कूल ने क्यों नहीं बताया?
4- हॉस्टल के अंदर घटना हुई। तब उन्हें क्यों नहीं बताया गया? वह घटनास्थल को नहीं देख सके। उनके पहुंचने से पहले शव हटा दिया गया।
5- स्कूल के शिक्षक की तरफ से बताया गया कि ऋषभ इमरजेंसी में है। आप वहां पहुंच जाओ? उन्होंने घटना की सही जानकारी क्यों नहीं दी।
6- एसएन इमरजेंसी में स्कूल से कोई शिक्षक क्यों नहीं आया? ऑटो में एक सिपाही उसे लेकर आया था। विद्यार्थी के साथ किसी तरह की घटना होने पर स्कूल वालों को भी पहुंचना चाहिए था।
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7- ऋषभ सुबह 10:08 बजे हॉस्टल परिसर में नजर आया है। 10:50 बजे 112 पर कॉल करके सूचना दी गई। तकरीबन 30 मिनट वो कहां रहा?
8- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में चोट लगने से आया है, जबकि वह तीसरी मंजिल से गिरता तो शरीर के अन्य अंगों में भी फ्रेक्चर होना चाहिए। ऐसा क्यों नहीं हुआ?
9- तीसरी मंजिल से गिरने के बाद तेज आवाज होनी चाहिए थी? हॉस्टल में विद्यार्थी थे। कोचिंग में भी पढ़ने वाले छात्र आए थे? उन्हें आवाज क्यों नहीं सुनाई दी?

मां नहीं, मुझे बेस्ट फ्रेंड मानता था ऋषभ

मेरे लाल (ऋषभ) की जान ले ली गई। वो मेरे लिए सब कुछ था। पढ़ाई में अव्वल आता था। यही वजह थी उसे स्कूल में सभी द ऋषभ कहकर बुलाते थे। वह मेरा राम था। पढ़ाई के साथ मेरी एक आवाज पर दौड़ा चला आता था। अपनी हर बात को बताता था। वह मुझे मां नहीं, बल्कि बेस्ट फ्रेंड मानता था। यह कहा ऋषभ की मां रूपाली ने। बेटे की मौत से वो सदमे में हैं। वह हर पल बेटे को याद करके रोये जा रही हैं। उन्हें सास विद्या देवी सहित अन्य लोग संभाल रहे हैं।

फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से जुटाए साक्ष्य

पुलिस ने घटना के बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को बुलाया था। टीम ने घटनास्थल से मिट्टी का नमूना लिया। जिस स्थान पर बैग मिला, वहां भी जांच की। अब टीम की तरफ से रिपोर्ट दी जाएगी।

दोस्तों ने कहा, होशियार था ऋषभ, एक महीने से नहीं हो रही थी बात

पुलिस ने सहपाठियों से की बात की थी। उन्होंने बताया था कि ऋषभ पढ़ने में काफी होशियार था। वह एक साथ ही खेला करते थे। मगर, एक महीने से अलग रहने लगा था। ऐसा क्यों कर रहा था पता नहीं।
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