राजस्थान और मध्य प्रदेश में चुनाव को लेकर बॉर्डर मीटिंग में फरार अपराधियों के संबंध में जानकारी साझा की गई थी। इस पर एसटीएफ को टास्क मिला था। कृष्णा की लोकेशन आगरा में मिल रही थी। टीम ने भरतपुर पुलिस की मदद से जाल बिछाया।
वह सदर थाना क्षेत्र में विनायक गार्डन स्थित फ्लैट में किराये पर रह रहा था। मंगलवार रात को उसे घेराबंदी करके पकड़ लिया गया। उसके पास से तमंचा, कारतूस, एक कार, दो आधार कार्ड अलग-अलग पते, पेन कार्ड, 2 मोबाइल और 650 रुपये मिले। आरोपी के खिलाफ थाना सदर बाजार में आयुध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सराफ को 2.5 लाख में सोने के नाम पर बेची पीतल
इनामी बदमाश की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ के इंस्पेक्टर यतेंद्र शर्मा भी लगे थे। सर्विलांस की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया। कृष्णा से पूछताछ में पता चला कि उसने डेढ़ साल पहले प्रेमिका से मंदिर में शादी कर ली थी। अब उसे दरोगा भर्ती की तैयारी करा रहा था।
बिहार की भर्ती परीक्षा में फार्म भी भरवाया था। सदर क्षेत्र में हाल ही में एक सराफ को सोने के नाम पर पीतल बेची गई थी। सराफ से 2.5 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। इस मामले में पुलिस को तहरीर मिली थी। पुलिस की जांच में कृष्णा का पता चला।
इस पर भतरपुर पुलिस से जानकारी ली गई। उसका आपराधिक इतिहास निकलकर आ गया। उस पर सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास सहित अन्य हैं। आरोपी के पास बरामद कार दिल्ली नंबर की थी, जबकि उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रहा था। एक पार्टी का झंडा भी था। उस पर सरकारी पास भी लगा था।