इमारत से शिफ्ट करने पड़े थे 315 मरीज
15 मार्च को बेसमेंट में आग सुलगने पर पूरी इमारत में धुआं भर गया था। इस पर हड्डी रोग, सर्जरी विभाग, ईएनटी विभाग और बाल रोग विभाग में भर्ती 315 मरीजों को एमसीएच इमारत में शिफ्ट करना पड़ा था। मरीजों की जान सांसत में आ गई थी।
ये की संस्तुति
1- इमारत के सभी डक्ट, बेसमेंट में कचरा साफ किया जाए।
2- इमरजेंसी लाइट लगाई जाएं, जिसमें आठ घंटे का बैकअप हो।
3- हर ब्लॉक और वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
4- नियंत्रण कक्ष बनाया जाए, जिसमें महत्वपूर्ण नंबर दर्ज हों।
5- सभी मंजिल पर स्पीकर लगें, जिससे आपात स्थिति में सूचना दी जा सके।
6- हर मंजिल पर सूचना पट्टिका लगाई जाएं, जिससे मरीजों को जानकारी हो।
7- रैंप खाली और साफ रखी जाएं, जिससे आपात स्थिति में निकला जा सके।
8- स्मोक डिटेक्टर लगाए जाएं, अग्निशमन विभाग के मानक पूरे किए जाएं।
9- इमारत के अंदर धूम्रपान संबंधी सामग्री पर पाबंदी लागू की जाए।
10- कार्य का विभाजन हो और उनकी जवाबदेही तय हो, विभागाध्यक्ष भी नजर रखें।
(जैसा कि जांच समिति के सदस्य डॉ. बृजेश शर्मा ने बताया)