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देश के प्रदूषित शहरों की सूची में छठे स्थान पर पहुंचा आगरा, और 'जहरीली' हुई यहां की हवा

Mon, 19 Oct 2020 12:26 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • ताजनगरी में रविवार को प्रदूषण तत्वों में सबसे ज्यादा धूल कणों ने परेशान किया।
  • वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई- एयर क्वालिंटी इंडेक्स) 288 पर पहुंच गया था
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शहर में जगह-जगह हो रही खोदाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में रविवार को हवा और जहरीली हो गई। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में आगरा छठवें नंबर पर रहा, जबकि शनिवार को 14वें नंबर पर था। महज 24 घंटे के अंदर प्रदूषित शहरों की सूची में आगरा की स्थिति बहुत खराब हो गई। इस वजह से लोगों की मुश्किल बढ़ गई है। 
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जल निगम द्वारा की जा रही सीवर लाइन की खोदाई के कारण उड़ती धूल ने सांस रोगियों की परेशानी बढ़ा दी है। नोटिस देने के बाद भी जल निगम ने ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि टीटीजेड अथॉरिटी के चेयरमैन और कमिश्नर के साथ सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल भी प्रदूषण के लिए खोदाई में उड़ती धूल को जिम्मेदार मान रहे हैं। 


शहर और एक्यूआई
1.बल्लभगढ़-330
2.भिवाड़ी-325
3.पानीपत-298
4.मुजफ्फरनगर-293
5.बुलंदशहर-289
6.आगरा-288
7.धौरहरा-287
8.बागपत-282
9.ग्रेटर नोएडा-278
10.फरीदाबाद-277
11.गुरुग्राम-273
 

33 गुना ज्यादा हुआ कार्बन मोनोऑक्साइड

ताजनगरी में रविवार को प्रदूषण तत्वों में सबसे ज्यादा धूल कणों ने परेशान किया। धूल कणों की मात्रा 376 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंची, जो सामान्य से 6 गुना से ज्यादा है। इसी तरह कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 33 गुना ज्यादा दर्ज की गई। 

नाइट्रोजन डाईऑक्साइड और सल्फर डाईऑक्साइड सामान्य से 3 गुना तक ज्यादा रहे। धूल कणों की मात्रा सुबह से लेकर दोपहर 2 बजे तक सबसे ज्यादा रही। 2 से 4 बजे तक धूल कणों की मात्रा कुछ कम हुई लेकिन शाम को 6 बजे के बाद उनकी संख्या एकाएक फिर से बढ़ने लगी।

251 किमी सड़कें खोदी, जुर्माना फिर भी नहीं

अमृत योजना के तहत जल निगम शहर के वेस्टर्न जोन में सीवर लाइन बिछा रहा है, जिसमें शहर की 251 किमी लंबी सड़कें खोदी हैं। इन से निकली धूल और मिट्टी पर ना तो पानी का छिड़काव किया गया, ना ही धूल नियंत्रण के लिए जल निगम ने कोई शेड लगाया। 

बोदला, पश्चिमपुरी समेत जहां भी जल निगम ने खुदाई की, वहां की हवा जहरीली होने के साथ लोगों के फेफड़ों में धूल कण पहुंच रहे हैं जिस वजह से उनका दम फूल रहा है। प्रदूषण फैलाने के जिम्मेदार जल निगम के खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।
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खोदाई पर नोटिस
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन प्रकाश यादव ने बताया कि हमने धूल नियंत्रण के उपाय न करने के लिए जल निगम को नोटिस जारी किया है। उन्हें पानी का छिड़काव और शेड लगाने के साथ मिट्टी के ढेर को ढकने के लिए कहा गया है। रिमाइंडर भी दे चुके हैं।

कोई कमी नजर नहीं आई
जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बीके गर्ग ने कहा कि जो काम किया जा रहा है, उसमें धूल नहीं उड़ रही है। हमें जब ठेकेदार पर जुर्माना लगाना होगा, हम तब लगाएंगे। हमें तो कोई कमी अब तक नजर आई नहीं है। 
 
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