ताजनगरी की बिटिया शह और मात के खेल शतरंज में नाम रोशन कर रही है। 15 साल की इस चैस खिलाड़ी का नाम है संस्कृति गोयल। संस्कृति सेंट एंड्रूज स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा हैं। जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अनेक चैस चैंपियनशिप में वह लगातार जबरदस्त चुनौती दे रही हैं।
उनके शानदार खेल का ही परिणाम है कि ग्रीस में 19 अक्तूबर से आयोजित होने वाली वर्ल्ड यूथ चैस चैंपियनशिप में वो भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। 24 नवंबर से टर्की में होने वाली वर्ल्ड यूथ अंडर-16 चैस ओलंपियाड चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में भी संस्कृति को स्थान मिला है।
सेंट एंड्रूज स्कूल के प्रबंध निदेशक डॉ. गिरधर शर्मा बताते हैं कि पढ़ाई के कारण संस्कृति का खेल किसी भी तरह से प्रभावित नहीं हो, इसके लिए उसे जरूरत पढ़ने पर स्कूल की ओर से अलग क्लासेज दी जाती हैं।
शतरंज खिलाड़ी संस्कृति गोयल का कहना है कि इस समय मेरा पूरा फोकस ग्रीस में आयोजित होने वाली वर्ल्ड यूथ चैस चैंपियनशिप में भारत के लिए गोल्ड लाने पर है। संस्कृति अब तक कई खिताब जीत चुकी हैं।
ये खिताब जीते
- सन 2017 में अहमदाबाद में आयोजित हुए 43वीं अंडर-15 नेशनल गर्ल्स चैस चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर रहीं।
- सन 2018 में थाईलैंड में आयोजित एशियन यूथ चैस चैंपिनयशिप अंडर-16 में व्यक्तिगत में सिल्वर मेडल जीता। टीम चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता।
- सन 2018 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ चैस चैंपियनशिप में चौथा स्थान मिला।
- सन 2017-18 में कौशांबी में आयोजित यूपी स्टेट चैस चैंपिनयशिप में अंडर-19 वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया।
- सन 2017 में नागपुर में आयोजित नविद्याम छठवीं नेशनल स्कूल चैस चैंपियनशिप अंडर-15 में तीसरा स्थान मिला।
- सन 2016 में गाजियाबाद में आयोजित यूपी स्टेट अंडर-15 चैस चैंपियनशिप में पहला स्थान प्राप्त किया।
- सन 2015 में नोएडा में आयोजित यूपी स्टेट चैस चैंपियनशिप अंडर-13 में पहला स्थान पाया।
- सन 2015 में दिल्ली में आयोजित चौथी नेशनल एमेच्योर विमैन चैस चैंपिनयशिप में पांचवां स्थान प्राप्त किया।
- सन 2015 में गुड़गांव में आयोजित 29वीं अंडर-13 नेशनल चैस गर्ल्स चैंपियनशिप में पांचवां स्थान मिला।
- सन 2014 में मिर्जापुर में आयोजित यूपी ओपन स्टेट चैस चैंपियनशिप अंडर-15 में पहले स्थान पर रहीं।
- सन 2014 में आगरा में आयोजित यूपी स्टेट चैस चैंपियनशिप अंडर-13 में पहला स्थान प्राप्त किया।
- सन 2013 में झांसी में आयोजित अमर उजाला यूपी स्टेट चैस चैंपियनशिप अंडर-15 में पहला स्थान पाया।
- सन 2013 में आगरा में आयोजित यूपी स्टेट चैस चैंपियनशिप अंडर-13 में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कैंप था टर्निंग प्वाइंट
कमला नगर में रहने वाले संस्कृति के पिता दीपक गोयल और मां ज्योति गोयल का कहना है कि घर के लोग कभी-कभी चैस खेलते थे। संस्कृति को वहीं से इसका शौक लगा। इसके बाद नौ साल की उम्र में स्कूल में लगे चैस कैंप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। यह कैंप उनके लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
एकाग्रता से चलती हैं चाल
संस्कृति के कोच ब्रजेश अग्रवाल का कहना है कि चैस खेल में एकाग्रता का बढ़ा महत्व है। संस्कृति पूरी एकाग्रता के साथ शह और मात की चाल चलती हैं। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उम्र के हिसाब से वह चैस के खेल में काफी परिपक्वता हासिल करती जा रही हैं।