आगरा। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) आगरा में स्थापित की जाती है तो इसकी एकेडमिक हब के रूप में पहचान भी बनेगी। यहां के युवाओं को दूसरे शहरों में विधि की पढ़ाई के लिए नहीं जाना होगा। बल्कि देशभर से युवा आगरा में पढ़ने के लिए आएंगे। शिक्षाविदों की राय है कि एनएलयू के यहां स्थापित होने से विधि के एडवांस्ड कोर्स पढ़ाए जाने लगे। जिनसे रोजगार के तमाम अवसर प्राप्त होंगे।
एनएलयू में गुणवत्तापरक शोध कार्य पर जोर दिया जाता है। यहां यूनिवर्सिटी स्थापित होने से शोध कार्य बढ़ेंगे। इसका फायदा न केवल छात्र-छात्राओं को बल्कि समाज को भी मिलेगा। बाकी प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा क्लैट के प्रति भी छात्र-छात्राओं का रुझान बढ़ेगा। इससे विधिक सेवा में आगरा के युवाओं की संख्या और बढ़ेगी। शिक्षाविदें का कहना है कि केंद्रीय कानून राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल के बनने से उम्मीदें और बढ़ गई हैं। इस दिशा में प्रयास रंग ला सकते हैं।
आगरा का एतिहासिक महत्व है। यहां पहले हाईकोर्ट बनाया गया था। इस लिहाज से एनएलयू आगरा का हक भी है। अभी युवाओं को लॉ की पढ़ाई के लिए मजबूरी में दूसरे जिलों में जाना पड़ रहा है। एनएलयू स्थापित होने से आगरा पर्यटन, मेडिकल आदि के साथ एकेडमिक हब भी बन जाएगा। - डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य, सेंट जोंस कॉलेज
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में जिस गुणवत्तापरक शिक्षा की व्यवस्था है, वह एनएलयू जैसे शिक्षण संस्थान ही उपलब्ध करा सकते हैं। विधि के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यदि आगरा कॉलेज के विधि विभाग को राष्ट्रीय दर्जा प्रदान हो तो मेधावी छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा मिल सकेगी। - प्रो. सुगम आनंद, इतिहास विभागाध्यक्ष, डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि
आगरा कॉलेज के विधि संकाय को एक्ट बनाकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बनाया जा सकता है। कॉलेज के विधि संकाय को क्लैट से जोड़ा जा सकता है। ऐसा होने पर विधि क्षेत्र में शोध कार्य और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होगी। आगरा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश को योग्य अधिवक्ता भी मिलेंगे। - डॉ. शितिकंठ दूबे, एसोसिएट प्रोेफेसर, विधि संकाय, आगरा कॉलेज
आगरा में एनएलयू की स्थापना समय की मांग है। यहां यूनिवर्सिटी स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को विधि की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना होगा। आगरा में ही उत्कृष्ट और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो जाएगी। विधि की पढ़ाई के प्रति छात्र-छात्राओं में रुझान भी बढ़ेगा। - डॉ. डीसी मिश्रा, विभागाध्यक्ष, विधि संकाय, आगरा कॉलेज
बेटा दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। यदि एनएलयू जैसा संस्थान आगरा में होता तो उसे पढ़ाई करने के लिए बाहर कतई नहीं भेजता। आगरा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शिक्षा के स्तर को ऊंचा करने के लिए आगरा में एनएलयू की स्थापना जरूरी है। - डॉ. यतेंद्र पाल सिंह, प्रधानाचार्य, आरबीएस इंटर कॉलेज
शिक्षाविदों के मुताबिक एनएलयू से ये फायदे भी होंगे
- विधि के क्षेत्र में व्यावसायिक डिप्लोमा के कई कोर्स शुरू हो जाएंगे।
- गुणवत्तापरक शोध कार्य से विधिक समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।
- स्थानीय युवाओं को विधि की स्तरीय पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना होगा।