आगरा में तेज रफ्तार कार ने छह स्कूली बच्चों को रौंद दिया। दर्दनाक हादसे में तीन बच्चे की मौत हो गई। बच्चे स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। टक्कर लगने से एक छात्रा 10 फुट तक उछलकर गिरी थी। बाकी बच्चे खून से लथपथ दूर गिर गए। भयावह मंजर देखकर लोग दहल गए।
आगरा के फतेहाबाद मार्ग पर डौकी के गांव कछपुरा में तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक छात्र और दो छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर घायल हो गए। सभी बच्चे सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे थे, तभी एक कार तेजी से आई, गलत दिशा में जाते हुए बच्चों को टक्कर मार दी।
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दीप्ति 10 फुट उछलकर दूर जा गिरी। पांच बच्चे कई फुट दूर जा गिरे। यह दृश्य देखकर मेरे रौंगटे खड़े हो गए। प्रत्यक्षदर्शी महिपाल सिंह ने बताया कि भयावह मंजर ने उन्हें हिलाकर रख दिया। वह एक खोखे पर बैठे हुए थे। 10 कदम पर यह हादसा हुआ।
बांस महापत के बच्चे रोजाना की तरफ सड़क किनारे खड़े थे। सबसे आगे दीप्ति खड़ी हुई थी। तभी नीले रंग की कार दनदनाती हुई आई और तेजी से मुड़कर रांग साइड पहुंच गई। बच्चों को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीप्ति 10 फुट उछलकर दूर जा गिरी।
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इसके अलावा प्रज्ञा, नमन, गुंजन, अरविंद, लावान्या भी आठ से 10 फुट तक की दूरी पर बिखर गए। महिपाल बोले कार इतनी तेज थी कि वो चिल्लाना चाहते थे मगर मुंह से चीख तक नहीं निकल सकी। तब तक खून ही खून बिखर गया। घटनास्थल पर कुछ ही मिनटों में आसपास के लोग ने बच्चों को उठाकर अस्पताल ले जाना शुरू कर दिया।
200 मीटर की दूरी पर बच्चों के ताऊ मान सिंह के खेत हैं। वह खेत में काम कर रहे थे। हादसे की जानकारी मिलने पर दौड़ पड़े। महिपाल ने बताया कि कार में चालक आकाश सहित चार लोग थे। वेयर हाउस के बोर्ड से टकराने के बाद कार रुकी तो तीन लोग निकल भागे। मैंने ड्राइवर को पकड़ लिया, बाकी को नहीं पकड़ सकता था।
घटनास्थल पर कुछ ही मिनटों के बाद लौटे रूपेश सुधबुध खो बैठे। अमित के कपड़े बच्चों को उठाने में खून से सन चुके थे। इसी बीच वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने भी गाड़ियां रोककर ग्रामीणों की मदद करना शुरू कर दिया। दर्दनाक मंजर को देखकर लोगों का बुरा हाल था।
आपको बता दें कि फतेहाबाद मार्ग पर डौकी के गांव कछपुरा में बृहस्पतिवार सुबह तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक छात्र और दो छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर घायल हो गए। सभी बच्चे स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। चालक नशे की हालत 90 की रफ्तार पर कार दौड़ा रहा था। झपकी आने पर कार दूसरी तरफ खड़े बच्चों को टक्कर मारती हुई एक बोर्ड से टकरा गई। हादसे के बाद लोगों ने चालक को पकड़ लिया। दो घंटे जाम लगाकर हंगामा किया।
गांव बास महापत मलेला निवासी रूपेश तोमर और उसका मौसेरा भाई परमहंस भदौरिया किसान हैं। रूपेश के चार बच्चे दीप्ति (14), गुंजन (13), नमन (11) और अरविंद (8), जबकि परमहंस की दो बेटियां प्रज्ञा (9) और लावण्या (5) कुंडौल स्थित स्प्रिंगफील्ड स्कूल में पढ़ते थे। फतेहाबाद मार्ग स्थित स्कूल की बस रोजाना बच्चों को लेकर जाती है। दोपहर में गांव के बाहर ही मार्ग पर छोड़कर चली जाती है।
बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन 7 बजे रूपेश और परमहंस बच्चों को गांव के बाहर मुख्य मार्ग पर छोड़कर आए। स्कूल बस को आने में देर हो गई थी। इस कारण बच्चे पेड़ के नीचे खड़े होकर इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान फतेहाबाद की तरफ से तेज रफ्तार में कार आई। दूसरी तरफ आकर सभी छह बच्चों को टक्कर मार दी।
कार से टकराकर दीप्ति, प्रज्ञा, अरविंद और नमन कई फीट उछलकर दूर जा गिरे, जबकि गंजन और लावण्या भी कार के पहियों में आकर घायल हो गए। कार सड़क किनारे लगे वेयर हाउस के बोर्ड से टकराकर रुक गई। कार का अगला टायर फट गया। आवाज सुनकर आसपास खोखे और दुकान पर मौजूद लोग दौड़ पड़े। कार में सवार तीन लोग भाग गए, जबकि चालक को लोगों ने पकड़ लिया।