आगरा में दिल्ली हाईवे पर यातायात अव्यवस्था सिकंदरा से वाटर वर्क्स तक दुर्घटनाओं का कारण है। परिवहन विभाग की ओर से जारी की गई सूची के अनुसार जिले में हर साल औसतन 537 लोग सड़क हादसों में जान गवां रहे हैं। पुलिस-प्रशासन लाचार है। हाईवे पर यातायात अराजक हो रहा है। रोकथाम के नाम पर बैठकों के दौर चल रहे हैं, लेकिन धरातल पर हकीकत नहीं बदल रही।
हाईवे पर छोटे वाहनों के लिए चलना सुरक्षित नहीं रहा। भगवान टॉकीज फ्लाइओवर के नीचे अबुल उलाह दरगाह तक सरकारी व निजी बसें डग्गेमारी के लिए खड़ी रहती हैं। लॉयर्स कॉलोनी कट, आईएसबीटी पर हाईवे किनारे बसें खड़ी रहती हैं। गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने दिनभर लोग जाम से जूझने को मजबूर हैं।
सिकंदरा चौराहा तक कोई कट नहीं। ऐसे में सैकड़ों वाहन उल्टी दिशा में दौड़ रहे हैं। अराजकता इस कदर है कि हाईवे पर दुपहिया व चार पहिया वाहन आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति तब है जब पिछले तीन साल से हाईवे पर सुगम व सुरक्षित यातायात के लिए डीएम ने एनएचएआई, यातायात पुलिस व अन्य विभागों की कमेटी बनाई थी। कमेटी की सिफारिशें कागजों से बाहर नहीं आ सकीं।
नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स अध्यक्ष राजेश गोयल ने गुरुद्वारा के सामने अंडरपास बनाने की मांग रखी थी लेकिन नतीजा शून्य रहा। पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल के अनुसार हर बार उद्योग बंधु की बैठक में मंडलायुक्त के समक्ष इस बिंदु को उठाया जाता है। एनएचएआई को अंडरपास बनाना था। जिसका प्रस्ताव अब मेट्रो से मांगा है।
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