कर्मचारियों की गवाही से लेकर सीसीटीवी फुटेज अहम
एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने बताया कि नरेंद्र उर्फ लाला के गैंग ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के लिए यह घटना चुनौती थी। एक-एक करके गैंग में शामिल 19 लोग पकड़े जा चुके हैं। इनके खिलाफ विवेचना जारी है। दो मुठभेड़ में मारे गए थे। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। गैंग चार्ट भी तैयार कराया जाएगा।
इसके साथ ही मजबूत चार्जशीट लगाई जाएगी, जिससे आरोपियों को सजा मिल सके। इसके लिए कंपनी के कर्मचारियों की गवाही अहम रहेगी। वहीं पुलिस के पास आरोपियों के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज हैं। वहीं उनसे सोना भी बरामद हुआ। अब विवेचना पूरी करके जल्द चार्जशीट लगाई जाएगी।
लाला पर 20 साल पहले लिखा गया था पहला मुकदमा
सीओ हरीपर्वत सत्य नारायण ने बताया कि नरेंद्र उर्फ लाला पर 18 मुकदमे दर्ज हैं। पहला मुकदमा 20 वर्ष पहले सन 2002 में लिखा गया था। इनमें लूट, हत्या के प्रयास, बलवा, एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धारा के हैं। फिरोजाबाद के दक्षिण थाना में वर्ष 2007 में नरेंद्र उर्फ लाला की हिस्ट्रीशीट खोली गई थी।
लाला के खिलाफ दक्षिण थाने में वर्ष 2007 में हिस्ट्रीशीट खोली गई थी, जिसका नंबर 164 ए था। सात मुकदमों में लाला को सजा भी हो चुकी थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, नरेंद्र उर्फ लाला का पूरा परिवार अपराधी है। उसके भाई जयहिंद का पुलिस ने काफी समय पहले एनकाउंटर किया था। उसने दो पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। उसकी बहन विजय उर्फ विजईया जेल में बंद हैं, वो भी लूट में आरोपी थीं। नरेंद्र उर्फ लाला वर्ष 2020 में कोरोना काल में उसे पेरोल पर छोड़ दिया गया था।