लड़कियों की बरामदगी के लिए सर्विलांस सेल के सिपाही राजकुमार को लगाया गया। उनके सहयोग के लिए दो सिपाही दिए गए। राजकुमार ने एक रजिस्टर बनाया। इसमें वह अपहृत के बारे में सभी जानकारी रखते हैं। जो मिल जाती हैं, उनका नाम काट दिया जाता है। इसमें परिचित, दोस्त और सगे संबंधियों के भी नाम रखते हैं।
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उनके मोबाइल नंबर की जानकारी होती है। वह उनके नंबरों को सर्विलांस की मदद से ट्रेस करते हैं। वह लोकेशन को पुलिस टीम के साथ साझा करते थे। राजकुमार ने लड़कियों को बरामद करने के लिए कड़ी मेहनत की। इसलिए उनका नाम डीजी मेडल के लिए भेजा गया है। उनकी मदद से 2020 से पहले लंबित मामले भी निपट गए।
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