भगवान नगर में धागा फैक्टरी के कर्मचारी सुनील सिंघल की पत्नी रेनू और बेटे कृष को बंधक बनाकर लूट करने वाला एक बदमाश रोहित सिंह मेहरा उर्फ सोनू पंजाबी को पुलिस ने बुधवार तड़के मुठभेड़ में बहादुरपुर से गिरफ्तार कर लिया। बदमाश ने पुलिस पर गोली चलाईं। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके पास से लूट की रकम के 5.50 लाख रुपये बरामद हो गए। उसका साथी साथी कुलदीप फरार हो गया। आरोपी से पूछताछ के बाद पता चला कि वह टेलर है। फ्लैट से 12 लाख नहीं, बल्कि 6.5 लाख रुपये की लूट की थी।
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि तीन जनवरी को लूट की वारदात हुई थी। बदमाशों की धरपकड़ के लिए क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग और एसओजी को लगाया था। मुखबिर की सूचना पर बुधवार तड़के पांच बजे बहादुरपुर मेें दो बदमाशों को घेर लिया। उन्होंने पुलिस पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश रोहित सिंह पकड़ा गया। वह दयालबाग स्थित नीलकंठ बसेरा का रहने वाला है। उसका फरार साथी कुलदीप जीवनी मंडी के गरीब नगर में रहता है। रोहित से रुपये के अलावा बाइक, तमंचा और कारतूस बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपी ने सुनील सिंघल के घर में लूट की घटना करना कबूला। बताया कि वारदात में 6.50 लाख रुपये मिले थे। एक लाख कुलदीप के पास हैं। कुलदीप के परिचित ने मुखबिरी की थी। बाकी रकम के एक लाख रुपये फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही बरामद होंगे। पुलिस टीम में थाना कमला नगर के प्रभारी निरीक्षक उत्तम चंद पटेल, प्रभारी एसओजी एसआई कुलदीप दीक्षित, प्रभारी क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग एसआई प्रदीप कुमार, प्रभारी सर्विलांस टीम सचिन धामा सहित अन्य रहे।
बैंक का कर्ज चुकाने के लिए रची लूट की साजिश
एएसपी सत्यनारायण के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि आरोपी सोनू पंजाबी पूर्व में जसवंत की छतरी, बल्केश्वर में रहता था। इस कारण उसे क्षेत्र की जानकारी थी। वह मोबाइल की दुकान पर काम करता था। यहां उसकी दोस्ती कुलदीप से हो गई। कुलदीप को धागा फैक्टरी के मालिक हिमांशु अग्रवाल के बारे में भी जानकारी थी। सोनू पंजाबी काफी समय से कमला नगर स्थित एक बुटिक में कपड़े सिलाई का काम कर रहा था। उसने एक मकान लिया था। इसके लिए 15 लाख रुपये का लोन कराया। तीन साल बाद भी ब्याज ही चुक पाई थी। दस लाख रुपये का लोन बकाया है। उसे डर था कि कोरोना संक्रमण होने पर काम बंद नहीं हो जाए। इसलिए लूट करके रकम जुटाना चाहता था। इसके लिए कुलदीप से बात की। घटना से दो दिन पहले योजना बनाई। रेकी भी की। इसके बाद लूट करने पहुंच गए। लूट कर जाते समय स्वीटी और शैंकी की वजह से भागना पड़ा। सोनू बल्केश्वर के अंदर ही चला गया था, जबकि कुलदीप वाटर वर्क्स होकर भागा था।
हड़बड़ी में लिखाया 12 लाख लूट का मुकदमा
सुनील सिंघल ने 12 लाख रुपये लूटने की जानकारी पुलिस को दी थी। इसके बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। जब बदमाश पकड़ा गया तो उसने 6.50 लाख रुपये ही मिलने के बारे में बताया। इस पर सुनील सिंघल से पूछताछ की। उनसे कहा कि सही जानकारी दें। इस पर सुनील ने कहा कि कमरे को बाद में चेक किया। तब पाया कि 6.50 लाख रुपये ही लुटे थे। हड़बड़ी में रकम ज्यादा बताकर मुकदमा दर्ज कराया था।
सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से मिला सुराग
पुलिस बदमाशों की धरपकड़ लिए लगी थी। बदमाश सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गए थे। कॉलोनी के कैमरों में चेहरे साफ नहीं थे। इस पर पुलिस ने बदमाशों के भागने वाले रूट के कैमरे देखे। दोनों दोपहर दो बजे से कॉलोनी के पास के रास्तों में घूम रहे थे। यह फुटेज में आ गया। तब चेहरा भी नजर आया। इस फुटेज की मदद से पुलिस बदमाश तक पहुंच गई।
फैक्टरी से ही हुई थी मुखबिरी
सुनील सिंघल फैक्टरी का कैश अपने घर में रखते हैं। इस बारे में उन्हें और मालिक को पता था। कुछ कर्मचारी भी इस बारे में जानते थे। सोनू पंजाबी से पूछताछ में पता चला कि फैक्टरी से जुड़े एक व्यक्ति ने ही मुखबिरी की है। उसने उसका नाम भी बताया है। पुलिस ने अभी उसका खुलासा नहीं किया है। कुलदीप उसका दोस्त है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।