पुलिस की जांच में पता चला कि सोढ़ी ट्रांसपोर्ट के मालिक कुलवीर सिंह और पथवारी निवासी एक युवक के बीच विवाद चल रहा है। युवक ने जमीन किसी बिल्डर को बेची है। वह सोढ़ी ट्रांसपोर्ट से गोदाम खाली करने के लिए कह रहे थे। दोनों के बीच समझौता भी हो गया था। मगर, गोदाम खाली नहीं कराया जा सका था।
...और पांच मिनट बाद हो गया धमाका
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद कुमार ने बताया कि एक सीसीटीवी कैमरे में छह-सात लोग नजर आए थे। उनके हाथ में वजनदार बोरा है। यह लोग रज्जो जैन के ऑफिस से निकलकर सोढ़ी ट्रांसपोर्ट के गोदाम की दीवार के पीछे की तरफ आए। वो कुछ देर बाद वापस आ गए। उनके जाते ही पांच मिनट में धमाका हो गया।
कैमरों के फुटेज आसपास के लोगों को दिखाए। ये हिरासत में लिए गए युवक के कर्मचारी हैं। इसमें उनका नौकर और चालक नजर आ रहा था। पुलिस ने नौकर लंगुरिया को पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बोरा लेकर जाने की बात कबूल की। कहा कि बैग में विस्फोटक की जानकारी नहीं थी। इस पर पुलिस ने रज्जो जैन को भी हिरासत में ले लिया। एसपी सिटी का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में रज्जो जैन का नाम सामने आ रहा है।
पुलिस की पूछताछ में रज्जो जैन (60) ने इस तरह की घटना में उनका हाथ होने से इनकार किया है। कहा कि धमाके की कोई जानकारी नहीं है। अगर, कर्मचारी कुछ रखकर आए हैं तो उनसे ही पूछा जाए। उन्होंने ऐसा क्यों किया? इस बारे में वही बता सकते हैं। एसपी सिटी का कहना है कि रज्जो जैन को पूरी जानकारी है। मगर, उससे अभी पूरी तरह से पूछताछ नहीं हो सकी है।
10 से 15 किलो देसी बम के बारूद का प्रयोग
घटनास्थल पर जांच के लिए दोबारा से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को बुलाया गया था। छत्ता पुलिस को आशंका है कि धमाका करने के लिए दस से 15 किलोग्राम विस्फोटक होगा। धमाके में देसी बम बनाने के बारूद का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। धमाका किस तरीके से कराया गया है? यह भी जांच का विषय है। यह सीसीटीवी फुटेज में आए सभी लोगों के पकड़े जाने के बाद ही पता चल सकेगा।