फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेबकट को पकड़ने के लिए सिपाही ने तीन दिन चलाया ई रिक्शा, बुजुर्ग की जमापूंजी बचाई

Sat, 01 Aug 2020 12:06 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • बेटी की शादी के लिए फंड के रुपये निकाले थे
  • इन बातों का रखें ध्यान 
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में जेबकटी का आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शहर में ऑटो और ई रिक्शा में जेबकटी करने वाले गिरोह के एक बदमाश को पकड़ने के लिए थाना हरीपर्वत के सिपाही को तीन दिन ई रिक्शा चलाना पड़ा। शुक्रवार को उनके रिक्शा में बैठे एक बुजुर्ग की जेब काटने पर सिपाही ने आरोपी शंकर को रंगेहाथ पकड़ लिया। सवारी वाहनों में लूट-जेबकटी की शिकायतों पर हरीपर्वत पुलिस एमजी रोड पर गैंग की तलाश कर रही थी।
विज्ञापन


सिपाही गौतम को ई रिक्शा का चालक बनाया गया। वह संजय प्लेस से लोहामंडी तक ई रिक्शा चलाते। अन्य चालकों से बातचीत में संदिग्धों के बारे में पूछते। संजय प्लेस से हरीपर्वत चौराहे के लिए बुजुर्ग सवारी उनके ई रिक्शा में बैठी। उसके बराबर में एक व्यक्ति अपने पैरों पर थैला रखकर बैठ गया। उसने बुजुर्ग की जेब काट ली। बुजुर्ग के शोर मचाने पर सिपाही ने पकड़ लिया। उसके पास से 65 हजार रुपये बरामद हो गए। 

बेटी की शादी के लिए फंड के रुपये निकाले थे
रिक्शे में जिस बुजुर्ग की आरोपी ने जेब काटी थी, वह एक कपड़ा शोरूम में काम करते हैं। उनकी बेटी की शादी होने वाली है। वह फंड से रकम निकालकर आ रहे थे। सिपाही के पकड़ने पर वह डर गए। उन्हें लगा कि सिपाही भी जेबकट का साथी है। थाने पहुंचने पर उनका डर मिटा। हालांकि बुजुर्ग ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया।
विज्ञापन

 
विज्ञापन

बीमारी का बनाने लगा बहाना 
थाना हरीपर्वत में पूछताछ में आरोपी ने पहले अपना नाम संजय गिहारा निवासी पुरवा, थाना बिंदकी, फतेहपुर बताया। पुलिस को शक हुआ तो सख्ती की तो अपना असली नाम शंकर निवासी रामनगर गिहार बस्ती, थाना छिबरामऊ, कन्नौज बताया। पुलिस से गैंग के बारे में पूछने पर बीमारी का बहाना बनाने लगा। उसके परिवार वाले आ गए हैं। 

इन बातों का रखें ध्यान 
- ऐसे वाहन में न बैठें, जिसमें अधिक सवारी हो। 
- किसी के हाथ में थैला लगा है तो उसे पैरों पर नहीं रखने दें। 
- साफी और अखबार भी नहीं होना चाहिए। अगर, कोई इनको निकाले तो सतर्क हो जाएं। 
- रुपये इस तरह से जेब में न रखें कि बाहर से नजर आ जाएं। 
- अचानक ऑटो और रिक्शा रोककर कोई जाता है तो रोक लें। 
- जिस जेब में रुपये हैं, उसे देखते रहें।
(जैसा एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया) 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें