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तीन तलाक : ताजनगरी में 12 महीने में 33 केस, 114 लोग नामजद

Sat, 01 Aug 2020 12:02 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • मलपुरा में दर्ज हुआ पहला केस
  • पांच महीने में आरोपी शौहर गिरफ्तार नहीं
  • पहले दहेज उत्पीड़न, फिर तीन तलाक 
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विस्तार
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तीन तलाक कानून लागू होने के एक साल में ताजनगरी में 33 केस दर्ज किए गए । इनमें 114 लोग आरोपी बनाए गए। 18 को पुलिस ने गिरफ्तार किया, 12 ने कोर्ट में सरेंडर किया।  फिलहाल एक ही आरोपी जेल में है, 39 की जमानत हो चुकी है जबकि 30 फरार हैं। 
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पुलिस की जांच में 19 मुकदमो को सही पाया गया , इनमें चार्जशीट दाखिल कर दी गई। चार में  आरोपियों को क्लीन चिट देकर फाइनल रिपोर्ट लगा  दी। 10 मामलों में जांच चल रही है।

पुलिस की जांच के दौरान 44 आरोपियों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। ये लोग नामजद शौहर के रिश्तेदार हैं। इनकी नामजदगी को गलत बताते हुए पुलिस ने मुकदमों से इनके नाम निकाल दिए।
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मलपुरा में दर्ज हुआ पहला केस
तीन तलाक का पहला केस पिछले साल जुलाई में मलपुरा की तरन्नुम ने दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी शौहर को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया।

पांच महीने में आरोपी शौहर गिरफ्तार नहीं
शाहगंज के चिल्लीपाड़ा निवासी रानी कुरैशी ने ने भी तीन तलाक का केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर 2018 को शाहगंज के कोलिहाई निवासी नावेद से हुआ था। शादी में 70 लाख खर्च हुए। नौ फरवरी 2020 को उसे तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया। शौहर को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।

पहले दहेज उत्पीड़न, फिर तीन तलाक 
ताजगंज की रेशमा ने बताया कि उसका दहेज के लिए उत्पीड़न किया जा रहा था। उसने इसकी शिकायत महिला थाना पुलिस से की।इसकी जांच चल ही रही थी कि शौहर घर पर आया को तीन तलाक बोलकर चला गया। उसने मार्च में केस दर्ज कराया था। इसकी जांच अभी चल रही है।

तीन तलाक के मामलों की जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है। कई केस ऐसे भी आए हैं जिनमें दहेज उत्पीड़न का मामला था लेकिन रिपोर्ट तीन तलाक की दर्ज कराई गई - बोत्रे रोहन प्रमोद
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