प्रतापपुरा से 17 जून को एलआईसी अफसर धर्मेंद्र कुमार उपाध्याय के बेटे अर्पित का अपहरण मेरठ के अजय उर्फ हिटलर के गैंग ने किया था। अपहरणकर्ता अर्पित को गाजियाबाद ले जाना चाहते थे।
मगर, पुलिस की घेराबंदी के कारण अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके। पुलिस ने गैंग के एक सदस्य की गिरफ्तारी कर यह खुलासा किया है। सरगना की तलाश है।
नेहरू नगर निवासी एलआईसी के प्रशासनिक अधिकारी धर्मेंद्र कुमार उपाध्याय 17 जून को प्रतापपुरा बाजार नई खरीदी कार में एसेसरीज लगवाने आए थे। उनके साथ बेटे अंशुमान, अर्पित और दामाद ब्रजेश थे।
धर्मेंद्र और ब्रजेश दुकान पर चले गए। कार में दोनों बेटे बैठे थे। तभी एक युवक ने अंशुमान से आकर कहा था कि पापा बुला रहे हैं। अंशुमान के जाते ही तीन बदमाशों ने अर्पित का कार सहित अपहरण कर लिया था। चार घंटे बाद खंदौली के मुड़ी में बदमाश अर्पित और कार को छोड़कर भाग गए थे।
क्षेत्राधिकारी विकास जायसवाल ने बताया कि अपहरण के केस में दीपक सिरोही निवासी न्यू करेहडा कालोनी, थाना साहिबाबाद, गाजियाबाद को गिरफ्तार किया है।
गैंग का सरगना अजय उर्फ हिटलर निवासी गूंन (काजिमाबाद, मेरठ), बबलू उर्फ सलीम निवासी गांव विसोखर लंकापुरी, थाना मोदीनगर (गाजियाबाद) और पंडितजी नामक व्यक्ति है।
अजय पर 24 से अधिक मुकदमे हैं। गैंग अर्पित का अपहरण करने के बाद गाजियाबाद के मोदीनगर ले जाने वाला था। मोदी नगर में बबलू का घर है। वहीं पर उसको रखकर फिरौती की मांग करते। पुलिस चेकिंग के कारण उसे छोड़कर भाग गए थे।
थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक त्रिवेदी ने बताया कि अजय का गैंग यूपी सहित, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली में कई वारदात कर चुका है। अजय पर 65 मुकदमे दर्ज हैं। वह मेरठ में वारदात नहीं करता है। उसके गैंग में 20 से अधिक बदमाश हैं। वह जहां जाता है, वहां वारदात करता है।
लूट के दौरान कार में जो कोई बैठा मिलता है, उसे भी साथ ले जाते हैं। कई बार फिरौती लेने के बाद छोड़ते हैं। अजय ने एक साल पहले नेपाल में वारदात की थी। तब उसे जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद वह भारत आ गया और 20 से ज्यादा वारदात कर दीं।