उत्तर प्रदेश सहित छह राज्यों के लोगों के क्रेडिट कार्ड के चोरी किए डेटा से ऑनलाइन ठगी करने वाले दिल्ली के गैंग के सरगना सहित पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गैंग ने सैकड़ों लोगों को एक करोड़ से अधिक का चूना लगाया।
पकड़े गए आरोपियों से फर्जी सिम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, आनलाइन शॉपिंग साइट का डेटा बरामद हुआ है। साइबर सेल प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में रोहित, रवि (निवासी तिलक नगर, दिल्ली), राज, विक्की, शुभम (निवासी नरेला, दिल्ली) हैं।
गैंग का सरगना रोहित है। गैंग के पास से बरामद डेटा उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली के क्रेडिट कार्ड धारकों का है। यह 30 हजार से अधिक लोगों का है। डेटा में धारक का नाम, पता, मोबाइल नंबर की जानकारी होती थी।
सरगना क्रेडिट कार्ड और बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते थे तो यह जानकारी बताते थे। इससे लोग उन पर विश्वास करते थे। रिवार्ड प्वाइंट, कैश बैक और लकी ड्रा का झांसा देकर लोगों से ओटीपी पूछ लेते थे।
इसके बाद ई वालेट में रकम ट्रांसफर करते थे। इसे खातों में ट्रांसफर करके रकम निकाल लेते थे। एक करोड़ से अधिक रकम निकाल चुके हैं।
यह हुई बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों से नौ मोबाइल, सात एटीएम कार्ड, 41 फर्जी सिम कार्ड, चार आधार कार्ड फर्जी, एक सोने की चेन, 26552 रुपये, पैन ड्राइव (इसमें क्रेडिट कार्ड धारकों की निजी जानकारी है), एक बुलेट बाइक बरामद की है।
गिरफ्तार अभियुक्त और उनका काम
1. रोहित निवासी तिलक नगर, दिल्ली: बैंक अधिकारी बनकर लोगों से बात करता था। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड-डेबिट कार्ड ग्राहक का डाटा और मोबाइल सिम कार्ड उपलब्ध कराना।
2. रवि निवासी तिलक नगर, दिल्ली: बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट का कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड धारकों को फोन करता था।
3. राज प्रवीण सिंह निवासी नरेला, दिल्ली: गैंग लोगों के खातों से रकम ट्रांसफर करने के लिए किराये पर बैंक खाते लेता था। यह राज ही उपलब्ध कराता था।
4. विक्की निवासी नरेला, दिल्ली: क्रेडिट कार्ड का ओटीपी प्राप्त होने पर रकम ई-वॉलेट में भेजकर बैंक खातों में ट्रांसफर करता था। एटीएम से रकम भी निकालता था।
5. शुभम निवासी नरेला, दिल्ली: किराये पर गैंग को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। खुद का भी खाता लोगों की रकम निकालने में इस्तेमाल करता था।