आगरा की ताजगंज पुलिस ने मोहल्ला खैराती टोला से अब्दुल समद नाम के ऐसे अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसे उसके परिवार वालों ने 32 साल पहले मृत घोषित कर दिया था। इसका शपथ पत्र मथुरा कोर्ट में दाखिल कर दिया गया था।
इसी के चलते उसका स्थायी वारंट जारी किया गया था। एक सटीक सूचना पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसने 1983 में जब धोखाधड़ी का यह अपराध किया था, तब उसकी उम्र 28 साल थी। अब जेल गया है तो 62 साल का है।
अब्दुल समद पुत्र अब्दुल रहीम मूल रूप से मथुरा का रहने वाला है। 1983 में उसके खिलाफ मुकदमा भी मथुरा कोतवाली में दर्ज हुआ था। उसने कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की थी। उनसे लाखों रुपया लेकर हड़प लिया था।
पुलिस उसकी तलाश कर रही थी लेकिन परिवार वाले कह रहे थे कि वह बीमारी से मर गया है। कोर्ट में 1985 शपथ पत्र दाखिल कर दिया गया। कोर्ट ने उसे मृत नहीं माना क्योंकि उसका मृत्यु प्रमाण पत्र दाखिल नहीं किया गया था।