विशाखापट्टनम से ट्रक में प्लास्टिक की बोतलों के नीचे छिपाकर बोरियों में 805 किलोग्राम गांजा लाया गया था। यह आगरा सहित आसपास के जिलों में सप्लाई किया जाना था। शनिवार रात को न्यू आगरा क्षेत्र में ट्रक को रोककर पुलिस ने गांजा पकड़ लिया। चार तस्कर भी पकड़े गए। बाजार में गांजा की कीमत 2.5 करोड़ रुपये है।
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि शनिवार रात को लायर्स कॉलोनी कट पर थाना न्यू आगरा एसओ अरविंद कुमार पुलिस टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। तभी एक ट्रक को रोका गया। उसमें 20 लीटर की प्लास्टिक की बोतल रखी थीं। बोतलों को हटाया गया तो बोरे रखे मिले।
इनको चेक करने पर गांजा बरामद हुआ। 26 बोरियों में तकरीबन 805 किलोग्राम गांजा मिला। ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। चार आरोपियों से 190 प्लास्टिक की खाली बोतल, चार मोबाइल और दो हजार रुपये बरामद किए गए। इस मामले में थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज किया गया।
जीजा के ट्रक में साला कर रहा था तस्करी
गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी मोहित सेन, कानपुर के नौबस्ता निवासी जितेंद्र कुमार, कन्नौज के कोतवाली क्षेत्र निवासी सुभाष चंद्र गौतम और अलीगढ़ के देहली गेट निवासी शोएब मलिक हैं। पूछताछ में बताया कि वह गांजा विशाखापटटनम से लेकर आए हैं। इसे सस्ते दाम में खरीदा है। बाजार में इसकी कीमत तकरीबन 2.5 करोड़ रुपये है। माल को चुनाव से पहले खपाने की तैयारी थी।
इसे आगरा के अलावा अलीगढ़, धौलपुर, भरतपुर, मथुरा, फिरोजाबाद में बेचते। मुनाफा आपस में बांट लेते हैं। बोतलों की वजह से रास्ते में पुलिस को शक नहीं हुआ। आगरा आने से पहले ट्रक की नंबर प्लेट बदल ली थी। इस पर आगरा नंबर की प्लेट लगाई थी। मोहित सेन जितेंद्र का साला है। वह काफी समय से गांजा तस्करी का काम कर रहा है। जितेंद्र के पास ट्रक है। मोहित ने जीजा को लालच दिया कि गांजा बेचने पर तीन लाख रुपये मिल जाएंगे।
शहर और देहात में पहले भी पकड़ा गांजा
आगरा में तस्करी कर लाया गया गांजा पकड़े जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पुलिस माल पकड़ चुकी है। हर बार तस्कर पकड़े जाते हैं। इनको कौन खरीद रहा है? कहां-कहां सप्लाई किया जाना है? इसके बारे में कोई जानकारी पुलिस नहीं ले पाती है। थाना न्यू आगरा के एसओ अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि गांजा के खरीदारों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।