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श्री पारस प्रकरण: '26 अप्रैल को सुबह से रात तक अस्पताल में मची रही अफरातफरी', एक और पीड़ित ने बताई आंखों देखी

Mon, 02 Aug 2021 02:15 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आईएमए की जांच समिति ने 26 अप्रैल को अस्पताल में 10 मौतें मानी हैं, इनके मृत्यु प्रमाणपत्र और परिजनों के बयान के आधार पर समिति रिपोर्ट तैयार कर रही है। 
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श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में 26 अप्रैल को ऑक्सीजन की किल्लत थी, श्री पारस अस्पताल के संचालक डॉ. अरिन्जय जैन ने दो बार बुलाकर कहा कि ऑक्सीजन का इंतजाम कर लो, रात साढ़े दस बजे बताया कि तुम्हारे मरीज की मौत हो गई है। 26 अप्रैल को सुबह से रात तक अस्पताल में अफरातफरी मची रही। ये बातें वैभव नगर के मृतक कार्तिकेय लवानिया (34) के भाई अनिरुद्ध लवानियां ने अमर उजाला से साझा की। उन्होंने बताया कि आईएमए की जांच समिति को भी यही जानकारी दी है। 

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अनिरुद्ध ने बताया कि 23 अप्रैल को भाई को श्री पारस अस्पताल में भर्ती कराया। 26 अप्रैल की देर रात लगभग डेढ़ बजे डॉ. अरिंजय जैन ने मुझे बुलाया और कहा कि सुबह आठ बजे तक ही ऑक्सीजन है, अपना इंतजाम करके रखना। सुबह से ही अस्पताल में भागदौड़ सी मची थी। कोई सुनवाई नहीं कर रहा था। रात साढ़े दस बजे भाई की मौत बताते हुए स्टाफ ने शव दे दिया। अब यही मलाल है कि काश किसी दूसरे अस्पताल में भाई को लेकर जाते तो उसकी जान बच जाती। 

फुटेज-बीएचटी ने रोकी सच्चाई
श्री पारस अस्पताल में 26 अप्रैल की सीसीटीवी फुटेज और मरीजों की बीएचटी (बेड हेड टिकट) न मिलने से दमघोंटू मॉकड्रिल की सच्चाई सामने नहीं आ पाई। ऐसे में प्रशासन के बाद आईएमए की जांच समिति भी दमघोंटू मॉकड्रिल मामले में अस्पताल को क्लीन चिट देने की तैयारी में है। 

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आईएमए की जांच समिति को मरीजों के परिजनों ने 26 अप्रैल को सुबह साढ़े दस बजे सीसीटीवी कैमरा बंद करने, अफरातफरी और शाम से रात तक शव निकलते हुए देखे जाने की बात बताई। लेकिन जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज, मरीजों की बीएचटी नहीं मिली। यहां तक कि अस्पताल स्टाफ के बयान भी दर्ज नहीं हुए। ऐसे में आईएमए ने मरीजों के बयान के आधार पर ऑक्सीजन की कमी पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। 

मृतकों की बनाई जा रही रिपोर्ट
आईएमए की जांच समिति ने 26 अप्रैल को अस्पताल में 10 मौतें मानी हैं, इनके मृत्यु प्रमाणपत्र और परिजनों के बयान के आधार पर समिति रिपोर्ट तैयार कर रही है। आईएमए सचिव डॉ. अनूप दीक्षित ने बताया कि 30 मरीजों और उनके परिजनों से बात कर उनके बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर ली है। बाकी के मरीज और तीमारदारों के बयानों को नोट करने का कार्य चल रहा है। अभी करीब पांच से सात दिन जांच रिपोर्ट तैयार होने में समय लगेगा।

आरटीआई का भी जवाब नहीं मिला
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और कंप्यूटर में दर्ज मरीजों की जानकारी से सच्चाई सामने आती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी आरटीआई से जानकारी मांगी है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

जल्द सौंपी जाएगी रिपोर्ट
जांच समिति के सदस्य डॉ. मुनीश्वर गुप्ता ने कहा कि मरीज और उनके तीमारदारों के बयानों के आधार और मौजूदा साक्ष्यों पर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। जल्द रिपोर्ट आईएमए अध्यक्ष को सौंपी जाएगी। 
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