कासगंज जिले में पुलिस टीम पर हमला कर सिपाही की हत्या करने का मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर मोती सिंह को पुलिस ने 12 दिन बाद मुठभेड़ में मार गिराया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। रविवार तड़के सिढ़पुरा क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान मोती का एक अन्य साथी फरार होने में कामयाब हो गया। मुख्य आरोपी के पास से दरोगा से लूटी गई पिस्टल और एक तमंचा बरामद हुआ है।
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पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि नौ फरवरी को थाना सिढ़पुरा के दरोगा अशोक कुमार एवं सिपाही देवेंद्र सिंह वांछित अभियुक्त की तलाश में क्षेत्र में थे। इसी दौरान अवैध शराब बनाने की सूचना पर दोनों पुलिसकर्मी पहुंच गए। तभी शराब माफिया मोती और उसके साथियों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। इसमें सिपाही देवेंद्र की मौत हो गई थी। दरोगा गंभीर घायल हुए थे।
गांव नगला धीमर का रहने वाला मुख्य आरोपी मोती दरोगा की सरकारी पिस्टल और कारतूस लूटकर ले गया था। पुलिस हिस्ट्रीशीटर मोती की तलाश में लगातार कॉम्बिंग कर रही थी। उसके संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही थी, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पा रहा था। एडीजी आगरा ने सिपाही की हत्या के मुख्य आरोपी शराब माफिया मोती पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
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पुलिस टीम पर की थी फायरिंग
शनिवार की रात को पुलिस टीम काली नदी की खादर में मुखबिर की सूचना पर कॉम्बिंग कर रही थी। करतला रोड पर खादर में जैसे ही पुलिस टीम पहुंची, रात तकरीबन तीन बजे मुख्य आरोपी मोती और उसके एक साथी ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी अपना बचाव करते हुए जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ में मोती गोली लगने से गंभीर घायल हो गया। उसका एक अन्य साथी फरार हो गया।
गोली लगने से घायल हिस्ट्रीशीटर मोती को सिढ़पुरा के स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ की सूचना पर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर, एएसपी आदित्य वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मारे गए अपराधी के शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम कराया।
कासगंज कांड का पूरा घटनाक्रम
9 फरवरी- पुलिस टीम पर हमला और सिपाही की हत्या।
10 फरवरी- पुलिस की मुठभेड़ में माफिया का भाई एलकार मारा गया।
11 फरवरी- माफिया के साथी को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
12 फरवरी - मोती की मां सियारानी की गिरफ्तारी।
13 फरवरी- माफिया मोती पर एडीजी आगरा ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया।
14 फरवरी- हिस्ट्रीशीटर मोती के भाई मानपाल और मौहर सिंह पर एसपी द्वारा 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित।
16 फरवरी- पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर मोती हुआ फरार जबकि उसका ममेरा भाई गुड्डू और संरक्षण देने में मौसा रामेश्वर गिरफ्तार।
16 फरवरी- माफिया मोती के पोस्टर किए गए जारी।
17 फरवरी- गैर जनपदों में मोती के पोस्टर चस्पा।
21 फरवरी- कालीनदी की खादर करतला रोड पर पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर मोती ढेर।