टैक्स वसूली से नगर निगम का खजाना भर गया। इस बार गृहकर के रूप में 94 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। यह पिछली वर्ष के मुकाबले 22 करोड़ अधिक है। इस तरह 30 प्रतिशत अधिक कर की वसूली हुई है। नगरायुक्त ने 100 करोड़ वसूली का लक्ष्य तय किया था। वसूली 6 करोड़ ही कम रही है।
1.70 लाख ने अदा किया कर
निगम की सीमा में 2.95 लाख संपत्ति हैं। इनमें से 1.70 करदाताओं ने कर अदा किया है। तीन तरीके से वसूली की गई। इनमें 1 लाख तक, 1 से 5 लाख तक और 5 लाख से अधिक के करदाताओं क सूची तैयारी की गई थी। इसके बाद वसूली की गई। लोगों को मोबाइल पर मैसेज भी भेजे गए।
यह है पिछले वर्षों की स्थिति
- वर्ष - कलेक्शन
- 2020-21 - 44.66 करोड़
- 2021-22 - 45.89 करोड़
- 2022-23 - 53.54 करोड़
- 2023-24 - 71.85 करोड़
- 2024-25 - 94 करोड़
ये भी पढ़ें - हादसा या साजिश: तीसरे मंजिल से गिरी विवाहिता, मौत से मचा कोहराम...पति पर इसलिए है शक; पुलिस जांच में जुटी
15 लाख अधिक किराया वसूलकर पिछले वर्षों का रिकार्ड तोड़ा
नगर निगम की राजस्व टीम ने अपने किरायेदारों से वसूली के मामले में पिछले कई वर्षों का रिकार्ड इस बार तोड़ दिया। पिछले सालों की अपेक्षा 2024-25 में 15 लाख रुपये अधिक की वसूली की गयी। 12 से अधिक संपत्तियों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई भी की गई। सहायक नगर आयुक्त एवं प्रभारी संपत्ति अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में निगम को किराये से 1,49,24,092 रुपये की आय हुई, जो कि बीते वर्ष की अपेक्षा 15 लाख रुपये अधिक है। विज्ञापन मद में भी वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो करोड़ सात लाख रुपये की अधिक वसूली की गई।