ये रहे मौजूद
बैठक में नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे, उपसभापति पार्षद जगदीश पचौरी, कार्यकारिणी सदस्य पार्षद गुलाब सिंह, संजय राय, कर्मवीर सिंह, धर्मवीर सिंह, जरीना बेगम, नेहा गर्ग, अमित अग्रवाल, मोहन सिंह, अनीता खरे तथा अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र कुमार यादव और विनोद कुमार गुप्ता, मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता, मुख्य अभियंता (विद्युत/यांत्रिक) संजय कटियार, जलकल जीएम आर एस यादव, सीएफओ उदयवीर सिंह, अधिशासी अभियंता आरके सिंह, अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
हर सप्ताह 20 वार्डों में होगी सफाई की औचक जांच
सफाई की रैंकिंग गिरने से नाराज मेयर नवीन जैन ने नगर आयुक्त से कहा कि सफाई व्यवस्था की औचक जांच कराएं। हर सप्ताह 100 वार्डों में से 20 वार्डों की पर्चियां निकाली जाएं और वहां सभी अधिकारी एकसाथ जांच करें, जिसमें उपस्थित कर्मचारियों की संख्या, सफाई व्यवस्था, डलाबघरों से कूड़ा उठान और सड़कों, नालियों की सफाई का निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। हर सप्ताह 20-20 वार्डों की पर्चियां निकालकर जांच कराएं। जो कर्मचारी इन निरीक्षणों में अनुपस्थित मिलें, उन पर सख्त कार्रवाई करें। नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने अधिकारियों से कहा कि निगम सभी संसाधन दे रहा है। बजट भी बढ़ाया है तो फिर कमी क्यों है। फील्ड में जाकर काम करें। सफाई व्यवस्था में सुधार कराकर दिखाएं।
नहीं हो पाई सफाई पर चर्चा
कार्यकारिणी बैठक में सफाई पर चर्चा होनी थी, लेकिन बजट बैठक के बाद नगर आयुक्त के शहर से बाहर जाने के कारण सफाई पर बैठक को स्थगित कर दिया गया। मेयर नवीन जैन ने बजट बैठक में ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल भारती से कहा कि वह सफाई व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। इसमें सुधार की जरूरत है। ढिलाई बरतने के कारण ही रैंकिंग गिरी है। फील्ड में जाइये और देखिए किस तरह सफाई हो रही है। ऑफिस में बैठकर मॉनीटरिंग नहीं हो पाएगी। अगर नगर निगम में मन न लग रहा हो तो बताएं, उनके मूल विभाग में वापस कराया जाएगा। उनके खिलाफ लगातार गंभीर शिकायतें मिल रही हैं।
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