आगरा शहर की सड़कों पर सात किलोमीटर प्रति घंटा दोपहिया व तीन किलोमीटर कार की रफ्तार बढ़ेगी। जाम और दुर्घटनाओं में कमी के साथ यात्रा में समय और धन की बचत होगी। ये सब मेट्रो से साकार होगा। दस साल में 7.4 लाख यात्री सड़क छोड़कर मेट्रो में सफर करेंगे। ये बात आगरा के लिए मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) बनाने वाली कंपनी राइट्स के अध्ययन में सामने आई है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने राइट्स से मेट्रो की डीपीआर तैयार कराई। इसमें मेट्रो से शहर में आर्थिक व सामाजिक प्रभाव के अलावा यातायात की सुगमता पर अध्ययन किया गया। अध्ययन में हैरान करने वाली बात सामने आई है।
शहर की सड़कों पर अभी हर दिन 30 लाख लोग यात्रा कर रहे हैं। दस सालों में ये आंकड़ा 36 लाख हो जाएगा। 2025 तक मेट्रो प्रोजेक्ट पूरा होने से इनमें पांच लाख यात्रियों की कमी आएगी जबकि दस साल में 7.4 लाख यात्री सड़क से घट जाएंगे। यात्रियों के साथ वाहनों के फेरे घटने से पर्यावरण भी सुधरेगा।