पत्थर घोड़ा स्मारक का निरीक्षण करते अधिकारी
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आगरा के सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक प्रस्तावित मेट्रो रेल के पहले कॉरिडोर में आठ स्मारक आएंगे, जिनके नजदीक से मेट्रो गुजरेगी। पहले चरण में जामा मस्जिद, ताजमहल और आगरा किला की अनुमति मिल चुकी है। दूसरे चरण के लिए रविवार को राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (नेशनल मॉन्यूमेंट्स अथॉरिटी) टीम ने पांच स्मारकों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही पत्थर घोड़ा, गुरुद्वारा और सिकंदरा सहित पांच स्मारकों की अनुमति के लिए कवायद शुरू हो गई है।
सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक 14 किमी लंबा कॉरिडोर प्रस्तावित है। पहले चरण में छह किमी कॉरिडोर बनेगा। इसमें तीन एलिवेटेड और तीन भूमिगत स्टेशन हैं। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि ताजमहल, आगरा किला और जामा मस्जिद भूमिगत स्टेशन के लिए तीनों स्मारकों से अनापत्ति मिल चुकी है। दूसरे चरण में आईएसबीटी स्टेशन पर सादिक खां व सलामत खां का मकबरा, गुरुद्वारा गुरु का ताल स्टेशन पर पत्थर घोड़ा व गुरुद्वारा और सिकंदरा स्टेशन पर सिकंदरा स्मारक की अनुमति शेष है।
पत्थर घोड़ा है संरक्षित स्मारक
इसके लिए रविवार को अथॉरिटी की टीम ने पुरातत्व विभाग, प्रशासन, एनएचएआई व अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ मौका मुआयना किया। पत्थर घोड़ा को छोड़कर बाकी चार स्मारकों की अनुमति अथॉरिटी से मिलेगी। यहां मेट्रो कॉरिडोर 100 मीटर की प्रतिबंधित परिधि से बाहर बनेगा। जबकि संरक्षित स्मारक पत्थर घोड़ा से कॉरिडोर की दूरी 25 मीटर होगी। संरक्षित स्मारक की अनुमति पुरातत्व विभाग से मिलेगी।
नेशनल मॉन्यूमेंट्स अथॉरिटी की बैठक सोमवार को दिल्ली में होगी। उससे पहले रविवार को अथॉरिटी सदस्यों के साथ अपर आयुक्त प्रशासन साहब सिंह, एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह, एडीएम प्रोटोकॉल हिमांशु गौतम, एसडीएम सदर, परियोजना निदेशक एनएचएआई व अन्य अधिकारियों के साथ प्रस्तावित कॉरिडोर मार्ग का निरीक्षण किया है।