आगरा मेट्रो दिल्ली-नोएडा मेट्रो से अधिक आधुनिक होगी, लेकिन इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) को चुनौतियां का सामना भी करना पड़ेगा। यूपीएमआरसी के एमडी केशव कुमार के अनुसार कई घने इलाकों में भूमिगत ट्रैक बनेगा। ऐसे में यहां टनल बनाने में समय लगेगा। टनल बनाना और प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती है।
पहले कॉरिडोर के लिए दो साल में छह स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवा शुरू होगी। इनमें तीन एलिवेटेड स्टेशन ताजपूर्वी गेट, बसई और फतेहाबाद के लिए टेंडर हो चुके हैं। ताजमहल, आगरा फोर्ट और जामा मस्जिद स्टेशन व ट्रैक जमीन के नीचे बनेंगे। यूपीएमआरसी के एमडी केशव कुमार के अनुसार यह इलाका घना है। ऐसे में यहां टनल (सुरंग) बनाने में समय लगेगा।
यूपीएमआरसी के सामने प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना भी सबसे बड़ी चुनौती है। प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि जो समय सीमा तय की गई है, उसमें काम पूरा किया जाएगा। अगर प्रोजेक्ट पिछड़ता है तो हमें 75 लाख रुपये प्रतिदिन का नुकसान होगा।