एमजी रोड पर दोनों ओर की लेन पर मेट्रो कार्य के लिएडिवाइडर लगा दिए गए हैं। दोनों ही लेन पर प्रतापपुरा चौराहे से भगवान टॉकीज तक काम चल रहा है। वाहनों का दबाव बढ़ते ही यहां जाम लग जाता है। समस्या के समाधान के लिए राजा मंडी और नालबंद चौैराहों के कट खोले गए लेकिन राहत नहीं मिली। दिल्ली गेट, बाग फरजाना, सिकंदरा पर स्थित अस्पतालों में मरीज को लेकर जाने वाली एंबुलेंस भी एमजी रोड के जाम में फंस रही हैं। दोपहर में और शाम 7 बजे के बाद भगवान टाॅकीज से प्रतापपुरा तक पहुंचने में 15 मिनट की जगह 1 घंटा तक लग रहा है। एक अप्रैल से स्कूलों के खुलने पर समस्या के और बढ़ने की आशंका है। इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए संयुक्त बैठक में समाधान की तलाश की गई।
बैठक में डीसीपी ट्रैफिक अभिषेक अग्रवाल, यूपीएमआरसी सूर्यकांत द्विवेदी, राजेंद्र सिंह, के पंचाशरण, पंकज ओझा, टीवी श्रीवास्तव, एफमेक के पूरन डावर, आगरा शूज फेडरेशन से विजय सामा, उपेंद्र सिंह, सिद्धार्थ जैन, मुकेश अग्रवाल, संजय गोयल, कुलदीप सिंह, प्रदीप वासन सहित विभिन्न व्यापार मंडलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें - अभिवावक ध्यान दें: प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर सख्ती, किताब और यूनिफॉर्म को लेकर जारी किए नए निर्देश
माल वाहनों पर दिन में प्रतिबंध
- एमजी रोड पर माल वाहन सुबह 9 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद ही चल सकेंगे। दिन में अन्य किसी वक्त यदि वाहन निकलते हैं तो उन्हें कुछ घंटे के अंतराल पर ही निकाला जाएगा। अलग-अलग व्यापार के लिए समयसारिणी तय होगी। जैसे-जूता फैक्टरियों का माल सुबह 9 से 11 बजे तक, दोपहर 1-3 बजे तक लोहा, 3-5 बजे तक टिंबर या पेंट कारोबार से संबंधित वाहन निकल सकेंगे।
तय किया गया एमजी रोड पर ऑटो, ई-रिक्शा व रिक्शा के संचालन को भी नियंत्रित किया जाएगा। हालांकि व्यापारियों ने इन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग उठाई।
ये भी पढ़ें - Toll Plaza Rates Increase: हाईवे पर सफर आधी रात के बाद से महंगा, 10 फीसदी बढ़ाया गया टोल टैक्स; जानें नई दरें