25 फैक्टरियों पर मारे थे छापे
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय शशांक त्रिपाठी ने बताया कि बीते साल अप्रैल से मार्च तक 25 फैक्टरियों पर छापे मारे थे। 29 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें से 12 फेल मिले। आठ नमूने नकली और 4 में मिलावट पाई गई। नकली घी में रिफाइंड, वनस्पति, पाम आयल और एसेंस पाया गया। इनके विक्रेताओं के खिलाफ केस दर्ज कराते हुए जुर्माना भी लगाया है। बीते दिन छत्ता के पंजा मदरसा में रिफाइंड और वनस्पति तेल नामी कंपनियों के घी में मिलाने का खेल पकड़ा था। ऐसे ही बीते दिनों ताजगंज में भी नकली घी बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी।
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नकली घी में कुछ देर बाद खत्म हो जाती है खुशबू
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि मिलावटी-नकली घी में कुछ देर तक एसेंस से खुशबू रहती है। हाथ पर रगड़ने के कुछ देर बाद महक नहीं आएगी। स्वाद में भी अंतर होता है। अगर किसी के नकली होने की आशंका है तो टोल फ्री नंबर 18001805533 पर शिकायत कर सकते हैं।
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