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Agra Metro: तीन भूमिगत स्टेशनों पर बनेंगे 50 कमरे, कैंटीन के लिए होगा हॉल; ये होंगी सुविधाएं

Tue, 19 Sep 2023 12:16 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा मेट्रो के पहले कॉरिडोर के तीन भूमिगत स्टेशनों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इनमें करीब 50 कमरे बनेंगे। खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए कैंटीन एरिया भी बनेगा।
 
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आगरा मेट्रो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा मेट्रो रेल के पहले कॉरिडोर के तीन भूमिगत स्टेशनों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इनमें करीब 50 कमरे बनेंगे। खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए कैंटीन एरिया भी बनेगा। दूसरे कॉरिडोर निर्माण संबंधी शासन के आदेश का उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) को अभी इंतजार है।
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उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहला कॉरिडोर ताज पूर्वी से सिकंदरा के बीच 14 किमी का रूट है। इसमें 6 एलिवेटेड और 7 भूमिगत स्टेशन बनने हैं। इनमें ताज पूर्वी, बसई स्टेशन, फतेहाबाद रोड ये तीनों एलिवेटेड हैं। ताजमहल स्टेशन, आगरा किला, जामा मस्जिद, एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी और आरबीएस कॉलेज भूमिगत होंगे।

इसके अगले तीन स्टेशन आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा एलिवेटेड बनाए जाएंगे। इनमें ताजमहल, आगरा किला और जामा मस्जिद स्टेशन के भूमिगत बनाने का कार्य शुरू हो गया है। प्रत्येक स्टेशन में 15 से अधिक कमरे होंगे, जिसमें नियंत्रण कक्ष, टिकट कक्ष, सर्वर कक्ष, कार्ड स्कैनिंग करने वाला कक्ष समेत अन्य सुविधाएं और स्टाफ के लिए तय होंगे।
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यात्रियों के लिए खानेपीने की स्टॉल भी लगेंगी, जिनके लिए हॉल बनेगा। इनके निर्माण के लिए कार्य तेजी से चल रहा है। दूसरे कॉरिडोर में मेट्रो को एमजी रोड से भूमिगत गुजारने के मामले में शासन से अभी कोई नई जानकारी नहीं आई है। ऐसे में अभी दूसरे कॉरिडोर का निर्माण कार्य स्थगित है।

एसएन की पुलिया का निर्माण कराएगा यूपीएमआरसी
एसएन मेडिकल कॉलेज में मेट्रो के पहले कॉरिडोर में स्टेशन बन रहा है। ये स्टेशन वरिष्ठ पुरुष छात्रावास के सामने मैदान में बनाया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए वाहनों में भारी सामान आ रहा है। इससे रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर के बगल नाले पर बनी पुलिया से वाहन गुजर रहे हैं। सामान से लदे भारी वाहनों से इसके टूटने का खतरा है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने इसके नए सिरे से निर्माण करने की मांग की है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि पुलिया जर्जर है और कभी भी भारी वाहनों से हादसा हो सकता है। पुलिया का नए सिरे से निर्माण करवाने, सीवर लाइन और विद्युत लाइन भी हटाई जाएगी। इसके लिए यूपीएमआरसी के अधिकारियों के साथ सर्वे भी किया है। इसे यूपीएमआरसी बनवाएगा।
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