जिसे बुलडोजर व जेसीबी मशीन से ध्वस्त किया है। उन्होंने बताया कि सर्किल रेट के मुताबिक कब्जा मुक्त कराई भूमि की कीमत छह करोड़ और बाजार मूल्य 12 करोड़ से अधिक है। बिल्डर के विरुद्ध तहसील प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कराया था। कब्जा हटाने से पूर्व सिंचाई विभाग ने नोटिस दिया था। जिसके 15 दिन बाद बृहस्पतिवार को निर्माण ध्वस्त किया है।
48 हजार वर्ग मीटर सरकारी जमीन
सदर तहसील के मौजा घटवासन में स्थित जोंस मिल में करीब 48 हजार वर्ग मीटर सिंचाई, नगर निगम व राजस्व विभाग की जमीन खुदबुर्द है। सरकारी जमीनों पर बिल्डिंग, मार्केट, पेट्रोल पंप व 100 से अधिक अवैध निर्माण हो चुके हैं।
सरकारी जमीनों की कई बार खरीद-फरोख्त हो चुकी है। जिसके बाद डीएम ने यहां बैनामों पर रोक लगा रखी है। 48 हजार वर्ग मीटर में सिंचाई विभाग ने 1971 वर्ग मीटर जमीन मुक्त कराई है। अब नगर निगम व राजस्व विभाग को अपनी जमीनों को मुक्त कराना है।
नौ महीने से जारी है प्रतिबंध
जोंस मिल में 23 खसरों की जांच हुई थी। 11 खसरों में डीएम प्रभु एन सिंह ने जमीनों की खरीद-फरोख्त के अलावा नए पानी-बिजली कनेक्शन, एडीए से मानचित्र स्वीकृति व निर्माण कार्यों पर रोक लगा रखी है। नौ महीने से कागजों में प्रतिबंध जारी है। जबकि क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक मौके पर प्रतिबंध के बावजूद अवैध निर्माण व अन्य गतिविधियां जारी हैं।