किसानों के प्रति सरकार-प्रशासन की नीतियों के विरोध में आगरा के विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में जिले के किसानों ने हंगामा किया। किसान दिवस का बहिष्कार किया। खून से पत्र लिख मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप निदेशक कृषि वीके सचान को सौंपा।
बता दें कि बुधवार को आयोजित किसान दिवस में भारतीय किसान यूनियन के तत्वाधान में पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी एवं कोल्ड स्टोरेज संचालकों की मिलीभगत से किसानों से आलू रखने के लिए मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। नहरों की सफाई कर एक नवंबर से उनमें सिचाई के लिए पानी छोड़ा जाना है, लेकिन अधिकारियों का सुस्त रवैया जारी है।
आरोप लगाया कि नहरों की सफाई को शासन की ओर से आए बजट को अधिकारियों और ठेकेदारों में बांट लिया जाता है। अगले हफ्ते से खरीफ की फसल (आलू, गेंहू, सरसों) की बुआई शुरू होनी है, लेकिन प्रशासन की ओर से नहरों की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। साथ ही उन्होंने ऋण मोचन योजना में कुछ किसानों को जानबूझकर शामिल न करने का आरोप लगाया।