प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि बहुउद्देश्यीय भवन चार मंजिला बनाने का प्रस्ताव है। भूतल पर 500 विद्यार्थियों की क्षमता का परीक्षा केंद्र, प्रथम तल पर कंप्यूटर लैब मूल्यांकन केंद्र, द्वितीय तल पर ऑनलाइन सेंट्रल लाइब्रेरी, तृतीय तल पर परीक्षकों और बाहर से आने वालों के रुकने की व्यवस्था की जानी है।
खेलकूद के आयोजन के लिए प्रो. बीडी शुक्ल, प्रो. अखिलेश सक्सेना को समन्वयक बनाया गया। इन्होंने छलेसर परिसर में मिनी स्टेडियम बनाने, छात्र और छात्राओं के लिए एक-एक हॉस्टल का प्रस्ताव दिया गया है। इसकी प्रस्तावित लागत 40 करोड़ रुपये है। लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम डेटा सेंटर के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया है।
एक अंतरराष्ट्रीय व दो राष्ट्रीय सेमिनार का प्रस्ताव रखा
सेमिनार और सिंपोजियम का प्रस्ताव देने के लिए प्रो. अजय तनेजा व प्रो. बीपी सिंह को समन्वयक बनाया गया था। प्रो. अजय तनेजा के मुताबिक तीन सेमिनार के आयोजन का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें गणित विभाग की ओर से एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार व दो राष्ट्रीय सेमिनार आईटीएचएम व बॉटनी विभाग की ओर से कराए जाने हैं।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रस्ताव भी भेजा गया है
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रस्ताव तैयार करने के लिए प्रो. अजय तनेजा और प्रो. अनिल वर्मा को समन्वयक बनाया गया था। इनको तीन विभागों के प्रस्ताव हुए। दो प्रस्ताव भेजे जाने थे, इस पर कंप्यूटर साइंस विभाग और इतिहास विभाग के प्रस्ताव को चुना गया। केएमआई के भाषा विज्ञान विभाग की ओर से दिए प्रस्ताव को नहीं भेजा गया।
प्लेसमेंट सेल के लिए 50 लाख रुपये मांगे
विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट सेल की स्थापना भी की जानी है। इसके लिए 50 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें कंप्यूटर, साक्षात्कार कक्ष आदि सुविधाएं शामिल की जाएंगी। इसके लिए प्रो. ब्रजेश रावत, प्रो. यूएन शुक्ला को समन्वयक बनाया गया था।
अंतर विश्वविद्यालयीय युवोत्सव की मेजबानी मांगी
विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए अंतर विश्वविद्यालयीय युवोत्सव की मेजबानी मांगी है। इसमें विश्वविद्यालय के युवोत्सव में होने वाली सभी प्रतियोगिताएं कराई जानी है। इसके लिए समन्वयक प्रो. ब्रजेश रावत व प्रो. संतोष बिहारी शर्मा की ओर से करीब 30 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया गया है।