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फर्जीवाड़ा: हर गोशाला और आश्रय स्थलों के अनुबंध की होगी जांच, इनके खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

Wed, 28 May 2025 09:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

गोबरा गोशाला प्रकरण में एनजीओ संचालक और सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। जिले में 12 बड़ी गोशालाओं सहित कुल 90 गो आश्रय स्थल हैं। 23 हजार से अधिक गोवंश हैं।

 
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गोशाला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा जिलाधिकारी ने हर गोशाला और आश्रय स्थल के अनुबंध की जांच करने का आदेश दिया है। इसके लिए कमेटी का गठन भी किया गया है। जिले में 12 बड़ी गोशालाओं सहित कुल 90 गो आश्रय स्थल हैं। 23 हजार से अधिक गोवंश हैं। इनके भरण पोषण पर प्रतिमाह करीब दो करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो रहे है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 24 मई को परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने अछनेरा के गोबरा गांव में गोशाला का निरीक्षण किया था। यहां पर गाय बीमार और कमजोर मिलीं। गोशाला का संचालन करने वाली एनजीओ शिवम फाउंडेशन की जांच में परिवहन आयुक्त ने फर्जीवाड़ा पकड़ा था। एक साल का अनुबंध सचिव ने बिना ग्राम सभा प्रस्ताव के बढ़ाकर पांच साल का कर दिया। 


 
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इस फर्जीवाड़े की रिपोर्ट मंगलवार को परिवहन आयुक्त ने मुख्य सचिव को भेजी। जिले की अन्य गोशालाओं में भी गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की गई है। एनजीओ संचालक और सचिव के विरुद्ध विधिक कार्रवाई के लिए कहा है। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि सभी गोशालाओं में संचालन अनुबंध की जांच कराई जाएगी। चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। गोबरा गोशाला प्रकरण में सचिव और एनजीओ संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
 
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