आगरा के जिला अस्पताल में सभी मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। हर महीने करीब 200 मरीज यहां ऐसे आते हैं जिनका ऑपरेशन होना होता है। सर्जन की कमी के चलते इनमें से महज 30 से 35 मरीजों का ही ऑपरेशन हो पा रहा है। बाकी करीब 170 मरीजों को निराश लौटना पड़ता है।
सर्जन के चार पद, दो हैं खाली
जिला अस्पताल में सर्जन के चार पद सृजित हैं। इसमें से दो पद खाली हैं। तैनात दो में से एक जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल खुद हैं। उनके पास प्रशासनिक कार्य अधिक होते हैं। बचे एक सर्जन डॉ. डीवी सिंह को ऑपरेशन के साथ ओपीडी में देखना होता है। ओपीडी में ही मरीजों की संख्या अधिक होती है। ऑपरेशन के लिए कम समय मिल पाता है। ऑपरेशन वाले मरीजों को दूसरी जगह पर रुख करना पड़ता है। अधिकतर मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं।
ये बोले प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि सर्जन के पद खाली होने से ऑपरेशन कम हो पा रहे हैं। जबकि ऑपरेशन वाले मरीज बड़ी संख्या में रोज पहुंचते हैं। चिकित्सकों के खाली पदों के संबंध में शासन को जानकारी दी गई है। पांच वर्ष पहले सभी चार सर्जन तैनात थे तो जिला अस्पताल में हड्डी वाले मरीजों को छोड़कर 100 से 120 ऑपरेशन प्रति माह होते थे। चिकित्सक मिल जाएं तो ऑपरेशन की संख्या फिर बढ़ जाएगी। प्रमुख अधीक्षक ने कहा कि कुछ मरीजों के ऑपरेशन वह खुद भी करते हैं।