पड़ोस में रहने वाले पूजाराम की 4 वर्षीय बेटी राजनश्री भी बीमारी की चपेट में आ गई। हालांकि डॉक्टर उसकी हालत में सुधार बता रहे हैं। इससे पहले आरती (14) और महिला सुषमा में डेंगू की पुष्टि हुई थी। वायरल के कारण घर-घर लोग बीमार हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर जांच की और दवाओं का वितरण कराया। एंटीलार्वा की फॉगिंग कराई गई। गलियों और गांव में जमा कीचड़ और गंदगी की सफाई फिलहाल नहीं कराई गई है, जिससे मच्छर का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि कई कहने के बाद भी गंदगी की सफाई नहीं हुई है।
नंदापुरा में बुखार के मिले 28 मरीज
फतेहाबाद क्षेत्र के नंदापुरा और रिहावली में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाया गया। दोनों गांवों में 306 लोगों की जांच की गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके सिंह ने बताया कि नंदापुरा में 28 और रिहावली में नौ लोग बुखार से पीड़ित मिले। सभी मरीजों को दवाएं दी गई हैं।
पिनाहट पहुंचे सीएमओ, सफाई के दिए निर्देश
पिनाहट में बुखार से पूर्व प्रधान के बेटे छोटू (14) की रविवार को हुई मौत के बाद सोमवार को सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव हालात का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने सफाई के निर्देश दिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य शिविरों की जांच की।
14 मरीजों में डेंगू की पुष्टि
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती बुखार-खांसी के 14 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें सबसे ज्यादा फिरोजाबाद के छह मरीजों में डेंगू मिला है। पांच मरीज डिस्चार्ज कर दिए हैं। आगरा में पांच मरीज मिले हैं, अब कुल संख्या 70 हो गई है।
एसएन प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सोमवार को 14 मरीजों की एलाइजा जांच रिपोर्ट आई, जिसमें सभी में डेंगू मिला है। आगरा में पांच मरीज, फिरोजाबाद के छह, एटा के दो और हाथरस का एक मरीज है। अब एसएन के डेंगू वार्ड में 18 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से मेडिसिन विभाग के डेंगू वार्ड में 14 और बाल रोग विभाग के डेंगू वार्ड में चार मरीज भर्ती हैं।
पांच मरीज ठीक हो गए हैं, जिनको डिस्चार्ज कर दिया है। अब 14 अगस्त से 20 सितंबर तक मेडिसिन विभाग में 78 मरीज भर्ती हुए, जिसमें से 64 मरीज ठीक हो गए हैं। बाल रोग विभाग के डेंगू वार्ड में 51 बच्चे भर्ती हुए, जिनमें से 46 डिस्चार्ज हो गए हैं, एक की मौत हुई है।
कोविड जैसी हो डेंगू के इलाज की व्यवस्था: एडी स्वास्थ्य
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाह का सोमवार को अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अविनाश कुमार सिंह और संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक डॉ. प्रदीप शर्मा ने निरीक्षण किया। बुखार और डेंगू के प्रकोप को देखते हुए निर्देश दिए कि अस्पताल में कोविड के उपचार जैसी व्यवस्थाएं की जाएं।
निरीक्षण के दौरान प्रसव कक्ष में अव्यवस्था पर स्टाफ नर्स को सुधार के निर्देश दिए गए। अपर स्वास्थ्य निदेशक ने केएमसी वार्ड में स्टाफ नर्स प्रीती पवार महिला वार्ड में भर्ती प्रसूता विक्रमपुर की विनीता से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। डेंगू, मलेरिया की हो रही जांच, कोविड वैक्सीनेशन और जांच की व्यवस्था को देखा।
उन्होंने बताया कि डेंगू के संक्रमण को लेकर आशा और एएनएम को घर घर जाकर कोविड की तरह से सर्वे करने के निर्देश दिए है। घर पर बुखार का कोई मरीज नहीं रहना चाहिए। सीएचसी लाकर उसकी जांच सुनिश्चित कराना है। अस्पतालों में कोविड जैसी व्यस्थाएं डेंगू के उपचार के लिए सुनिश्चित की जा रही है।