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यूपी: आगरा हाईवे पर मौत बनकर दौड़ रहे भारी वाहन, हर तीसरे दिन जा रही एक जान; 10 महीने में 109 मौतें

Thu, 05 Nov 2026 12:39 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा-दिल्ली हाईवे (एनएच-19) पर भारी वाहन लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। आगरा की सीमा में 10 महीने के दौरान 109 लोगों की मौत हो चुकी है। हाईवे पर 27 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
 
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ट्रक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तरी बाईपास बनने के बाद भी उपयोग न होने से आगरा-दिल्ली हाईवे (एनएच-19) पर ट्रक, ट्राॅला और टैंकर माैत बनकर दाैड़ रहे हैं। आगरा की सीमा में हाईवे पर भारी वाहन 10 महीनों में 109 लोगों की जान ले चुके हैं। हर तीसरे दिन एक व्यक्ति की जान जा रही है। किसी की टक्कर लगने से तो किसी की पैदल सड़क पार करते समय मौत हुई। इसके बावजूद अफसर मौन हैं। सात थानों की पुलिस शहर में भारी वाहनों पर कार्रवाई करने में नाकाम रही। विभागीय अधिकारी जिम्मेदारी निभाने के बजाय टालमटोल कर रहे हैं।
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मथुरा से फिरोजाबाद, कानपुर की तरफ जाने वाले वाहन एनएच-19 से आगरा में सिकंदरा, हरीपर्वत, न्यू आगरा, कमला नगर, छत्ता, एत्माद्दाैला, ट्रांस यमुना और एत्मादपुर से होकर निकलते हैं। रुनकता से लेकर कुबेरपुर तक जगह-जगह अवैध कट बने हुए हैं। तेज रफ्तार भारी वाहनों की चेकिंग की कोई व्यवस्था नहीं है।

 

आईएसबीटी बस स्टेशन से लेकर सवारी वाहनों के ठहराव से हाईवे पर यात्रियों की भीड़ रहती है। दोनों तरफ नई बसी काॅलोनी से लेकर अरताैनी, राधा नगर, केके नगर, आवास विकास काॅलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, गुरुद्वारा गुरु का ताल, लाॅयर्स कालोनी, विजय नगर काॅलोनी, कमला नगर, ट्रांस यमुना काॅलोनी, नुनिहाई सहित 100 से अधिक काॅलोनी के लोगों का आवागमन होता है।

 

हर दिन लाखों लोग हाईवे से निकलते हैं। भारी वाहनों के आवागमन पर कोई रोक नहीं लग सकी। यह तब है जब 400 करोड़ की लागत से उत्तरी बाईपास बनकर तैयार हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केसी जैन का कहना है कि रैपुराजाट पर पर्याप्त निगरानी की व्यवस्था न होने की वजह से वाहन प्रवेश करते हैं। वाहनों के दबाव की वजह से हादसे होते हैं।

 

10 महीने में मौतों का आंकड़ा
थाना हादसे माैत घायल

सिकंदरा - 69, 37, 43
ट्रांस यमुना - 5, 5, 0

हरीपर्वत - 9, 9, 0
छत्ता : 0,0,0

न्यू आगरा - 10, 10,0
कमला नगर - 1, 1, 0

एत्मादपुर - 109, 31, 52
एत्माद्दाैला - 26, 16, 7


 

34 किमी. में 27 ब्लैक स्पाॅट
उत्तरी बाईपास 14 किलोमीटर लंबा है। रैपुराजाट से यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते कुबेरपुर कट तक पहुंचने में 38 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। आगरा शहर से होकर रैपुराजाट से कुबेरपुर की दूरी 34 किमी. है। सिर्फ चार किमी. दूरी और टोल बचाने के लिए भारी वाहन चालक लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर शहरी सीमा में 27 ब्लैक स्पाॅट हैं।

 

कहां कितने ब्लैक स्पॉट
थाना ब्लैक स्पॉट

- सिकंदरा - हीरा लाल की प्याऊ (रुनकता), शेरजंग दरगाह, रेलवे पुल के नीचे, गुरुद्वारा गुरु का ताल, तेज शू फैक्टरी कट, अरसेना कट, अरतोनी कट, सिकंदरा तिराहा, रुनकता तिराहा।
-न्यू आगरा - ट्रांसपोर्ट नगर कट, लाॅयर्स काॅलोनी कट, वाटरवर्क्स चाैराहा

- छत्ता- वाटरवर्क्स चाैराहा
- कमला नगर - सुल्तानगंज की पुलिया

- हरीपर्वत - आईएसबीटी कट, खंदारी, सुल्तानगंज पुलिया, भगवान टाॅकीज।
- एत्माद्दाैला - झरना नाला, रायल कट, रामबाग।

- ट्रांस यमुना - शाहदरा, झरना नाला।
- एत्मादपुर - तहसील चाैराहा, झरना नाला, नोएडा कट, खंदाैली मार्ग चाैराहा।


 

यातायात डीसीपी ज्ञानेंद्र ने बताया कि मथुरा से आने वाले वाहन कानपुर-फिरोजाबाद की तरफ उत्तरी बाईपास के लिए रैपुराजाट से जा सकते हैं। मथुरा प्रशासन की ओर से वाहनों को आगरा जाने के लिए रोक लगानी होगी। पुलिस फोर्स की मांग की जाएगी तो यातायात पुलिस की ड्यूटी लगाई जाएगी। एनएचएआई से पत्राचार करके साइनेज बोर्ड भी लगवाए जाएंगे। समन्वय बैठक में प्रभावी कदम उठाने के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा। -  , 

 

आगरा संभाग एनएचएआई के परियोजना निदेशक राहुल सिंह का कहना है कि उत्तरी बाईपास के संबंध में भारी वाहनों के चालकों को जागरूक किया जाएगा। जगह-जगह साइनेज लगवाए जाएंगे। रैपुराजाट और कुबेरपुर कट से पहले ट्रक चालकों को जागरूक कर बाईपास से निकलने की अपील की जाएगी। - , , , 

 

उत्तरी बाईपास से गुजारने के लिए बैरिकेडिंग नहीं
भारी वाहन उत्तरी बाईपास का प्रयोग न करके सीधे आगरा सीमा में प्रवेश कर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति को पैदा कर रहे हैं। अकेले फरह क्षेत्र में कुछ महीनों में अलग-अलग दुर्घटनाओं में सात लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 21 लोग घायल हुए। कहीं तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवारों को कुचला तो कहीं ट्रक की टक्कर से ऑटो पलटने से कई यात्री घायल हुए। पुलिस की उदासीनता के कारण उत्तरी बाईपास पर ट्रकों और भारी वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग नहीं की गई है। पौरी निवासी संजीव यादव ने कहा कि भारी वाहनों को आगे जाने से रोकने के लिए मथुरा पुलिस को गांव पौरी पर बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस तैनात करनी चाहिए। 

 

मथुरा के एसपी यातायात राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शामिल हुआ था। भारी वाहनों को आगरा में प्रवेश से रोके जाने के बारे में चर्चा हुई थी लेकिन मथुरा में बैरिकेडिंग लगाकर भारी वाहन उत्तरी बाईपास की ओर गुजारने के कोई आदेश नहीं हुए हैं। ऐसा आदेश मिलेगा तो मथुरा से यह व्यवस्था कराई जाएगी।

 
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हो चुके हैं कई हादसे
25 फरवरी - ट्रांस यमुना, सैयद कट पर हाईवे पार कर रही महिला को ट्रक ने कुचला।
25 मार्च -सिकंदरा में डंपर ने पीछे से लोडर टेंपो को टक्कर मारी। हादसे में एक की मौत चार घायल।
2 अप्रैल - आईएसबीटी के पास डीजल खत्म होने के बाद खड़े ईंट से भरे ट्रक में पीछे से गर्डर से भरा ट्रॉला टकराया। ट्रॉला चालक और क्लीनर की माैत।

29 अप्रैल - कुबेरपुर में कैंटर हाईवे पर पलट गया, हादसे में चालक घायल।
10 मई - रुनकता में ट्रक की टक्कर से बाइक सवार महिला की मौत, पति और बेटा घायल।

30 मई - एत्मादपुर क्षेत्र में ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मारी। डी-फार्मा के प्रथम वर्ष के दो छात्र की मौत हो गई।
12 जून - कुबेरपुर पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में 20 वर्षीय युवक की मौत।

10 जुलाई - आईएसबीटी कट पर कंटेनर ने बाइक सवार दंपती को टक्कर मार दी। पत्नी की मौके पर मौत हो गई।
8 अगस्त - अरतौनी में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को टक्कर मारी। दो की माैत।

22 अक्तूबर- रुनकता में कार ने बाइक सवार सेवानिवृत्त दरोगा यशपाल सिंह को पीछे से टक्कर मारी, मौत।
29 अक्तूबर - अरतौनी में तेज रफ्तार कार की टक्कर से 30 वर्षीय अंजू और उनके दो वर्षीय बेटे अंश की मौत हो गई।
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