फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूल के तीन बच्चों की मौत: एक साथ जलीं चिताएं, करुण क्रंदन सुन रो उठा हर कोई; गश खाकर गिर पड़ीं मां

Fri, 12 May 2023 10:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

Agra Road Accident News: आगरा में तेज रफ्तार कार ने छह स्कूली बच्चों को रौंद दिया। दर्दनाक हादसे में तीन बच्चे की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब बच्चे स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। बीती शाम तीनों बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ।
विज्ञापन
Agra Accident News - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के फतेहाबाद मार्ग पर 500 मीटर अंदर डौकी का बास महापत गांव, सन्नाटे को चीरता महिलाओं का करुण क्रंदन, हर किसी की आंखों से बहते आंसू, एक-दूसरे का ढांढस बंधाते परिवार के लोग। यह दृश्य जिस किसी ने देखा वो गम में डूब गया। गांव में जहां हर दिन बच्चों के कदमों की चहलकदमी रहती थी, वहां पर छात्रा दीप्ति, प्रज्ञा और छात्र अरविंद की मौत ने सभी को रुला दिया।

बराबर में हैं घर

बास महापत के रहने वाले परमहंस और रूपेश मौसेरे भाई हैं। उनके घर बराबर में हैं। उनके बच्चे रोजाना स्कूल की बस में बैठने के लिए गांव के बाहर जाते थे। बृहस्पतिवार को भी गए थे। कुछ ही देर में हादसा हो गया। हादसे की खबर आते ही हर कोई घटनास्थल के लिए दौड़ पड़ा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  दर्दनाक: धमाके की आवाज आई, टक्कर से दूर जा गिरे बच्चे, 10 फुट तक उछलकर गिरी थी दीप्ति; भयावह मंजर देख दहले लोग

 

फूट-फूटकर रोई मां - फोटो : अमर उजाला

मां हुई बेहोश

प्रज्ञा की मौत की जानकारी से मां प्रीति गश खाकर गिर पड़ीं। उन्हें परिवार के लोगों ने होश में लाए। दादी पारो का हाल बेहाल हो गया। वो रोते हुए एक ही बात पूछ रही थी कि मेरे बच्चों (प्रज्ञा और लावण्या) का क्या हुआ। अभी तो सभी सलामत स्कूल भेजे थे। घर पर लोगों का तांता लग गई। प्रीति और पारो को परिवार की महिलाएं किसी तरह संभाल रहीं थीं।

ये भी पढ़ें -  Kasganj: यूपी पुलिस के दरोगा ने खुद को दी दर्दनाक मौत, वजह थी कुछ ऐसी; पूरे महकमे में हड़कंप
 

बच्चों की शव पहुंचते ही मची चीत्कार - फोटो : अमर उजाला

रूपेश के घर भी यही हाल

यहीं कुछ हाल रूपेश के घर का भी था। घर के अंदर लोगों की भीड़ लगी थी। रूपेश की बेटी दीप्ति, गुंजन, बेटा नमन और अरविंद हादसे को शिकार हुए थे। दीप्ति और अरविंद की मौत हो गई। दो बच्चों की मौत की खबर से मां ममता बेसुध हो गई। दादी उर्मिला बेहाल थी। घर की महिलाएं दोनों को संभाल रही थीं। मां बार-बार एक ही बात कह रही थीं कि बेटी दीप्ति चली गई। अब कौन उनका काम में हाथ बंटाएगा। वो किसे बुलाएंगी। बेटा अरविंद तू क्यों दूर चला गया। मां ममता को संभालने वाली महिलाएं भी खुद फूट-फूटकर रो रही थीं।

ये भी पढ़ें -  Agra Accident News: नशा और झपकी ने ले ली तीन मासूमों की जान, शादी में रातभर जागकर लौट रहा था फाइनेंसकर्मी
 
विज्ञापन

ग्रामीणों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

एक ही चिता पर हुआ तीनों बच्चों का अंतिम संस्कार

कार हादसे में मरने वाली प्रज्ञा, अरविंद और दीप्ति के शव बृहस्पतिवार शाम को गांव पहुंचे तो चीत्कार मच गई। महिलाओं के कलेजे को कंपाने वाला रुदन गूंजने लगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के साथ विधायक और भाजपा नेता पहुंच गए। पुलिस की मौजूदगी में तीनों बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। शाम को कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्या, विधायक धर्मपाल सिंह, भाजपा नेता मुनेंद्र जादौन सहित आदि पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे।

ये भी पढ़ें -  लव जिहाद: युवती से दोस्ती फिर हैवानियत, मन भर गया तो दोस्तों को सौंपा; विरोध करने पर नोंचा जिस्म
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें