सप्तऋषि अपार्टमेंट में रहने वाले राजेश मंगवानी ने कहा कि कोरोना महामारी में डॉक्टर दिन-रात लगे हुए हैं। मेरे मन में था कि मैं भी इस महामारी से युद्ध में सहयोग करूं। ब्लड बैंक प्रभारी ने अपील की तो दो बार प्लाज्मा दान कर कोरोना से जंग में सहयोगी बन गया।
लोहामंडी निवासी रोबिन जैन ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज के लिए प्लाज्मा की जरूरत की जानकारी हुई तो उन्होंने प्लाज्मा दान किया। दूसरी बार भी किया, कुछ लोगों ने कहा कि इससे कमजोरी हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके शरीर में अभी एंटीबॉडीज हैं, जरूरत पर फिर प्लाज्मा दान करेंगे।
15 दिन के अंतराल में दान कर सकते हैं प्लाज्मा
एसएन मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने कहा कि संक्रमण ठीक होने पर 14 दिन बाद हर 15 दिन में प्लाज्मा दान किया जा सकता है। लोगों में चार महीने तक एंटीबॉडीज रहते हैं, कुछ लोगों में साढ़े पांच महीने तक एंटीबॉडीज पाई गईं। इससे कोई कमजारी नहीं आती, 15 दिन में सभी अवयव पूरे हो जाते हैं।