रविवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकमाता की जयंती समारोह में शामिल हुए। केेंद्र के साथ प्रदेश सरकार आगरा की नई छवि गढ़ रही है। शहर की 57 सड़कों और चौराहों के नाम बदले गए तो चौराहों पर ब्रज और भगवान कृष्ण, राम और शिव से जुड़े प्रतीकों को स्थापित कर नई पहचान दी जा रही है।
मुगलिया सत्ता के केंद्र रहे आगरा में स्मारकों के अलावा अब मुगल पहचान कहीं नहीं हैं। जिन नायकों ने औरंगजेब या मुगल बादशाहों को चुनौती दी, उनकी प्रतिमाओं के माध्यम से उनके शौर्य को लोगाें के सामने लाया जा रहा है। छत्रपति शिवाजी ने मुगल बादशाह औरंगजेब को उसी के दरबार और राजधानी में चुनौती दी तो महारानी अहिल्याबाई ने उन मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया, जिन्हें औरंगजेब ने तोड़ दिया था। इनके अलावा महाराणा प्रताप, वीर गोकुला जाट की प्रतिमाएं आगरा किला के पास लगाई गईं।
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एक नजर इस पर भी
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा- संस्कृति, संस्कार एवं साहित्य की साधना स्थली आगरा
- मुगलों ने भारत की अस्मिता, अस्तित्व, आस्था के प्रतीक मंदिरों को नष्ट-भ्रष्ट किया, लोकमाता ने पुनर्स्थापना की
- आगरा की ऐतिहासिक धरती, जिसे भगवान बांके बिहारी और कृष्ण कन्हैया का सानिध्य प्राप्त हुआ
- उपराष्ट्रपति बोले- औरंगजेब के तोड़े मंदिरों का जीर्णोद्धार रानी अहिल्याबाई ने किया, अब योगी-मोदी की सरकार संवार रही
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नाम बदलने की प्रयोगशाला बना आगरा
योगी सरकार ने सबसे पहले मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी म्यूजियम किया। कोठी मीना बाजार में छत्रपति शिवाजी स्मारक बनाने के साथ तीन मेट्रो स्टेशनों के नाम बदले गए। खेरिया एयरपोर्ट का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय एयरपोर्ट किया गया। नगर निगम ने 57 सड़कों, चौराहों के नाम बदले, जिनमें मुगल रोड, कमला नगर का नाम महाराजा अग्रसेन मार्ग, घटिया आजम खां रोड का नाम स्व. अशोक सिंघल मार्ग किया और मीना बाजार तिराहे पर सरकार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थापित की गई। जी-20 आयोजन में ब्रज और भगवान कृष्ण से जुड़े प्रतीकों को चौराहों पर लगाया गया।