चार साल पहले हुए कूड़ेदान फर्जीवाड़े की जांच अभिलेखों के अभाव में रुक गई है। जांच अधिकारी की लाख कोशिश के बाद भी अभिलेख नहीं मिल सके। इसके बाद जांच अधिकारी बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी से मिलने पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले से अवगत कराते हुए अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा। सीडीओ ने डीपीआरओ को तत्काल अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए आदेेशित किया है।
जिले की ग्राम पंचायतों में कूड़ेदान स्थापित करने के लिए नाम पर चार साल पहले एक बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया था। मामले की जांच विजिलेंस आगरा के इंस्पेक्टर दुष्यंत तिवारी कर रहे हैं। बीते एक माह से वे कूड़ेदान लगाए जाने के अभिलेखों के लिए एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अब भी दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों के अभिलेख नहीं मिल सके हैं। परेशान होकर जांच अधिकारी बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुुमार से मिलने पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले से अवगत कराते हुए अभिलेख दिलाने की मांग की। इस पर सीडीओ ने डीपीआरओ अविनाश चंद को तत्काल सभी ग्राम पंचायतों के कूड़ेदान स्थापना संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
इस पर डीपीआरओ ने भी सचिवों को फोन कर अभिलेख देने के लिए कहा है। इससे पंचायत सचिवों और प्रधानों में खलबली मच गई है। अभिलेख मिलने के बाद भी जांच आगे बढ़ सकेगी।
ब्लॉक में जांच करने पहुंचे विजिलेंस इंस्पेक्टर
सीडीओ से मुलाकात करने के बाद विजिलेंस इंस्पेक्टर दुष्यंत तिवारी ब्लॉक मैनपुरी पहुंचे। यहां उन्होंने एडीओ पंचायत कक्ष में अभिलेखों की जांच की। मैनपुरी के अलावा कुछ अन्य ब्लॉकों के एडीओ पंचायत और पंचायत सचिव
मामले की जांच की जा रही है। जांच के लिए जरूरी अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। अभिलेख मिलने पर जल्द से जल्द जांच पूरी की जाएगी।
-दुष्यंत तिवारी, इंस्पेक्टर / जांच अधिकारी।