न्यायिक कार्य के बहिष्कार और शोकसभा पर रोक के विरोध में उतरे अधिवक्ता- दीवानी अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार, जिला बार एसोसिएशन ने बैठक कर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। उच्च न्यायालय द्वारा अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य के बहिष्कार और शोकसभा पर रोक के निर्णय से जिले के अधिवक्ताओं में नाराजगी है। शुक्रवार को निर्णय के विरोध में दीवानी के अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया। वहीं जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर विरोध जताया। निर्णय के विरोध में न्यायिक अधिकारियों को पत्र भी भेजे।
दीवानी के अधिवक्ताओं ने विरोध करते हुए कार्य बहिष्कार किया। यहां अधिवक्ता सौरभ यादव की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में सभी अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार और शोक सभा पर रोक के निर्णय का विरोध किया। बैठक में तैयार किए गए प्रस्ताव की प्रति विभिन्न न्यायालयों को भेजी गईं। यहां अधिवक्ता संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में दीवानी के अधिवक्ता कार्य बहिष्कार कर बैठक में शामिल हुए।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सर्वेंद्र सिंह यादव की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट स्थित केंद्रीय कार्यालय पर एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक के बाद एडीएम न्यायिक को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि अधिवक्ता साथी की मृत्यु हो जाने पर शोक संदेश करना और उसकी अंत्येष्टि में शामिल होना अधिवक्ताओं का सामाजिक और मौलिक अधिकार है। इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करना न्यायपालिका द्वारा उचित नहीं है। न्यायपालिका के शोकसभा के निर्णय का सभी अधिवक्ताओं ने विरोध किया।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता समाज एक स्वतंत्र एवं आदर्श पेशा है। इसके द्वारा आजादी से लेकर आपातकाल की लड़ाई तक सदैव न्याय के संरक्षक के रूप में कार्य किया। जब आपातकाल में न्यायपालिका ने घुटने टेक दिए थे उस समय भी अधिवक्ताओं ने न्याय के लिए संघर्ष किया था और जेल गए थे। न्याय में देरी के लिए अधिवक्ताओं को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसके पीछे न्यायपालिका के अधिकारियों की उदासीनता आदि कारण हैं। बैठक में सभी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य के बहिष्कार पर रोक का विरोध किया। इस अवसर पर उपदेश यादव, मुकेश यादव आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।